August 31, 2026

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दूध-दही नहीं खाते तो भी नहीं होगी कैल्शियम की कमी! डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें

नई दिल्ली। शरीर को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। आमतौर पर कैल्शियम का नाम आते ही दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स का ख्याल आता है। लेकिन अगर आप दूध-दही नहीं खाते या डेयरी प्रोडक्ट्स आपकी डाइट का हिस्सा नहीं हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि कैल्शियम की जरूरत पूरी नहीं हो सकती।

आपकी रोजमर्रा की डाइट में कई ऐसी चीजें शामिल की जा सकती हैं, जिनसे कैल्शियम मिल सकता है। रागी से लेकर तिल और टोफू तक, इन खाद्य पदार्थों को अलग-अलग तरीकों से भोजन में शामिल किया जा सकता है।

कैल्शियम शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

कैल्शियम को अक्सर हड्डियों और दांतों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन शरीर में इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा है। यह मांसपेशियों के सामान्य कामकाज और नसों के सही तरीके से सिग्नल पहुंचाने जैसी प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसलिए रोज की डाइट में कैल्शियम के अच्छे स्रोत शामिल करना जरूरी है।

  1. रागी को बनाएं डाइट का हिस्सा

रागी कैल्शियम से भरपूर अनाजों में शामिल है और इसे रोज के भोजन में शामिल करना काफी आसान है। अगर आप दूध-दही नहीं लेते हैं, तो रागी आपकी डाइट में एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।

इसे कई तरह से खाया जा सकता है:

रागी की रोटी
रागी चीला
रागी डोसा
रागी दलिया
रागी खिचड़ी

रागी को अलग-अलग व्यंजनों में शामिल करने से डाइट में विविधता भी बनी रहती है।

  1. खाने में शामिल करें तिल

तिल भी कैल्शियम का एक अच्छा खाद्य स्रोत है। सफेद और काले दोनों तरह के तिल भोजन में शामिल किए जा सकते हैं।

आप तिल को सब्जी या सलाद के ऊपर डाल सकते हैं। इसके अलावा तिल की चटनी भी बनाई जा सकती है। सर्दियों में कई लोग तिल के लड्डू भी खाते हैं।

हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह तिल का सेवन भी संतुलित मात्रा में करना बेहतर है।

  1. टोफू और कैल्शियम वाला सोया मिल्क

डेयरी से दूरी रखने वाले लोगों के लिए टोफू और सोया से बने कुछ खाद्य पदार्थ अच्छे विकल्प हो सकते हैं। टोफू को सब्जी, भुर्जी, सैंडविच या सलाद में शामिल किया जा सकता है।

सोया मिल्क लेते समय एक बात जरूर ध्यान रखें। हर सोया मिल्क में कैल्शियम की मात्रा समान नहीं होती। पैकेट खरीदते समय न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें और देखें कि उसमें कैल्शियम फोर्टिफाइड है या नहीं।

  1. हरी सब्जियों को न करें नजरअंदाज

कैल्शियम पाने के लिए हरी सब्जियां भी डाइट का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। ब्रोकली और कई पत्तेदार सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं।

आप भोजन में अलग-अलग तरह की हरी सब्जियां शामिल कर सकते हैं। सरसों का साग और अन्य पत्तेदार सब्जियां भी डाइट में जगह बना सकती हैं।

इन सब्जियों से सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि फाइबर और कई अन्य जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

  1. बादाम और कुछ छोटी मछलियां

बादाम को भी कैल्शियम देने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल किया जाता है। इन्हें नाश्ते के साथ या भोजन के बीच थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है।

अगर आप मछली खाते हैं, तो कुछ छोटी मछलियां भी कैल्शियम का स्रोत हो सकती हैं, खासकर वे जिन्हें उनकी नरम हड्डियों के साथ खाया जाता है।

इसके अलावा बाजार में कई तरह के प्लांट-बेस्ड मिल्क उपलब्ध हैं। कुछ उत्पादों में कैल्शियम अलग से मिलाया जाता है। ऐसे उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर दिए गए न्यूट्रिशन लेबल को जरूर जांचें।

सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, विटामिन D भी जरूरी

कैल्शियम की बात करते समय विटामिन D को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शरीर में कैल्शियम के उपयोग और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन D भी महत्वपूर्ण है।

इसलिए संतुलित डाइट के साथ विटामिन D के पर्याप्त स्तर पर भी ध्यान देना जरूरी है।

डाइट में क्या-क्या शामिल कर सकते हैं?
रागी — रोटी, चीला या डोसा के रूप में
तिल — चटनी, सलाद या सब्जी में
टोफू — सब्जी या सलाद में
हरी सब्जियां — नियमित भोजन का हिस्सा
बादाम — सीमित मात्रा में स्नैक के तौर पर
कैल्शियम-फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क — लेबल देखकर
कैल्शियम की गोलियां खुद से न लें

अगर आपको लगता है कि आपकी डाइट में कैल्शियम की कमी है, तो बिना सलाह के कैल्शियम सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। आपकी उम्र, डाइट और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार कैल्शियम की जरूरत अलग हो सकती है।

कैल्शियम की कमी का संदेह होने पर डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर वे आपकी डाइट और जांचों के आधार पर उचित सलाह दे सकते हैं।

याद रखें, दूध-दही कैल्शियम के लोकप्रिय स्रोत जरूर हैं, लेकिन कैल्शियम पाने के लिए आपकी डाइट में सिर्फ डेयरी प्रोडक्ट्स का होना जरूरी नहीं है। रागी, तिल, टोफू, हरी सब्जियां, बादाम और कैल्शियम-फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क जैसे विकल्प संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।