छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्कूली छात्रों का सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। शिक्षा मंत्री के गृह जिले में छात्रों ने शिक्षक और स्कूल में पर्याप्त शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। धमधा विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल पेन्ड्रावन के छात्र-छात्राएं खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और अपनी मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
इसी तरह सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी पर्याप्त शौचालय की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। दोनों मामलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
शिक्षक की कमी से पढ़ाई प्रभावित, सड़क पर उतरे छात्र
पेन्ड्रावन के शासकीय हाईस्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई के लिए शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा सामने आया है। छात्रों का कहना है कि स्कूल में वर्तमान में सिर्फ 3 शिक्षक और 1 प्रिंसिपल हैं, जबकि विषयवार पढ़ाई के लिए करीब 15 शिक्षकों की जरूरत है।
छात्रों के मुताबिक शिक्षक नहीं होने के कारण कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि अधिकारियों को पहले भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
छात्रों की प्रमुख मांगें हैं:
- स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
- विषयवार शिक्षकों की कमी दूर की जाए।
- छात्रों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित की जाए।
- अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन को जमीन पर लागू किया जाए।
चार दिन बाद फिर सड़क पर उतरे छात्र
छात्रों के अनुसार, 21 अगस्त को भी शिक्षक की मांग को लेकर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया गया था। उस समय शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने समझाइश देकर प्रदर्शन समाप्त कराया था।
छात्रों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद स्कूल में नए शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई। इसके बाद नाराज छात्र फिर से सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने साफ कहा कि जब तक स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होती, वे सड़क से हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
सेलूद में शौचालय के लिए भी प्रदर्शन
दुर्ग जिले के सेलूद में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पर्याप्त शौचालय की मांग को लेकर दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्या सांसद से लेकर शिक्षा मंत्री तक पहुंचाई, लेकिन उन्हें समाधान के बजाय केवल आश्वासन मिला। इसके बाद उन्हें अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा।
छात्रों के प्रदर्शन ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि Gen Alpha अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर है।
बघेल ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के गृह जिले में स्कूली बच्चों को शिक्षक और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों की आवाज सुनने और केवल आश्वासन देने के बजाय तत्काल स्थायी समाधान करने की मांग की।
उन्होंने स्वामी आत्मानंद स्कूलों की व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि इन स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से शुरू किया गया था, इसलिए उनकी मूल भावना और सुविधाओं को बनाए रखा जाना चाहिए।
पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर
चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओपी चित्रा वर्मा समेत अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
स्थानीय शिक्षकों ने भी बच्चों से बातचीत कर प्रदर्शन समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। वे कलेक्टर या शिक्षा मंत्री से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं।
मुख्य मार्ग पर लगा लंबा जाम
छात्रों के चक्काजाम के कारण खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भारी वाहनों के फंसने से आवागमन में भी परेशानी हुई।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती छात्रों की मांगों का समाधान करने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सामान्य करना है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
छात्रों का सड़क पर उतरना केवल एक स्थानीय विरोध नहीं, बल्कि स्कूलों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और शिक्षकों की व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। जब विद्यार्थियों को शिक्षक, शौचालय और नियमित पढ़ाई जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए प्रदर्शन करना पड़े, तो शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
अब देखना होगा कि सरकार और शिक्षा विभाग छात्रों की मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं और स्कूलों में शिक्षकों तथा जरूरी सुविधाओं की कमी कब तक दूर होती है।
नोट: इस रिपोर्ट में छात्रों के प्रदर्शन और भूपेश बघेल के आरोपों को उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। संबंधित सरकारी पक्ष/अधिकारियों का विस्तृत जवाब सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

More Stories
ब्लू वाटर में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान को नम आंखों से अंतिम विदाई, हजारों लोगों ने दी सुपुर्द-ए-खाक
गायों की मौत पर दीपक बैज का सरकार पर बड़ा हमला, 10 हजार गौठान बंद होने का लगाया आरोप
फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में पार्षद को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी रखी बरकरार