August 25, 2026

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गायों की मौत पर दीपक बैज का सरकार पर बड़ा हमला, 10 हजार गौठान बंद होने का लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ में गायों की मौत के मुद्दे ने एक बार फिर सियासी तकरार बढ़ा दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि करीब 10 हजार गौठान बंद होने के बाद गोवंश के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि इसका असर अब सड़कों से लेकर गौशालाओं तक दिखाई दे रहा है, जहां गायों की मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं।

दीपक बैज ने सरकार से सवाल किया कि जब गौवंश की सुरक्षा के लिए गौठान और गौधाम जैसी योजनाओं का वादा किया गया था, तो जमीन पर इसका असर क्यों नहीं दिख रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने गौधाम बनाने की बात कही थी, लेकिन अब तक एक भी गौधाम तैयार नहीं हुआ है।

गायों की मौत पर सरकार से जवाब की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गौवंश की स्थिति को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, गौठानों के बंद होने से बेसहारा मवेशियों की समस्या बढ़ी है और सड़कों पर दुर्घटनाओं के साथ-साथ पशुओं की जान जाने का खतरा भी बढ़ गया है।

बैज के प्रमुख आरोपों में शामिल हैं:

  • करीब 10 हजार गौठान बंद किए जाने का आरोप।
  • सड़कों और गौशालाओं में गायों की मौत का मुद्दा।
  • गौधाम बनाने के वादे पर सरकार से सवाल।
  • गोवंश की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग।

रायपुर में अपराध को लेकर भी सरकार पर निशाना

दीपक बैज ने राजधानी रायपुर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि रायपुर में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बावजूद कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।

नशे के कारोबार पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ में कथित रूप से बढ़ रहे नशे के कारोबार को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर सवाल खड़े किए। बैज ने आरोप लगाया कि अफीम की खेती से लेकर गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी तक पर सरकार प्रभावी रोक लगाने में सफल नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में आम लोग खुद तस्करों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब दिया गया है, यह अलग से महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा है।

राजकोषीय घाटे को लेकर भी घेरा

दीपक बैज ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ का राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ रहा है और नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य की स्थिति पर सवाल उठाए।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन के मोर्चे पर कमजोर साबित हो रही है। उन्होंने सरकार से आर्थिक स्थिति पर पारदर्शी जानकारी सामने रखने की मांग की।

भाजपा संगठन को लेकर मुख्यमंत्री पर तंज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा भाजपा जिलाध्यक्षों के साथ संगठन और सत्ता के बीच समन्वय को लेकर की जा रही चर्चा पर भी बैज ने राजनीतिक तंज कसा।

उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर नाराजगी बढ़ी हुई है और अब मुख्यमंत्री को जिलाध्यक्षों के जरिए कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश करनी पड़ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे भाजपा के अंदरूनी हालात से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस नेताओं पर FIR को लेकर चेतावनी

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज हो रही एफआईआर पर बैज ने कहा कि कांग्रेस किसी कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करके सरकार दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

बैज ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है और राजनीतिक संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।

महंगाई और निजीकरण पर केंद्र को घेरा

बढ़ती महंगाई को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। दीपक बैज ने चीनी, प्याज और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के बढ़ते दामों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महंगाई का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने एयरपोर्ट के निजीकरण का विरोध करते हुए दावा किया कि रायपुर समेत देश के कई एयरपोर्ट को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया पर कांग्रेस आपत्ति जता रही है।

पुलिस भर्ती और शिक्षक आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन

कवर्धा में पुलिस भर्ती को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में भी कांग्रेस ने आवाज उठाई। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार अभ्यर्थियों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रही है।

इसके अलावा TET और B.Ed. से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षक संघों के प्रति भी कांग्रेस ने समर्थन जताया। बैज ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नए नियमों का दबाव डालना अन्यायपूर्ण है।

निष्कर्ष

गायों की मौत से शुरू हुआ यह मुद्दा अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में कानून-व्यवस्था, नशे के कारोबार, महंगाई, वित्तीय प्रबंधन, भर्ती और शिक्षा जैसे कई विषयों तक पहुंच गया है। दीपक बैज ने इन सभी मुद्दों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

हालांकि, इन आरोपों पर सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि भाजपा सरकार गौठानों, गौधाम, गोवंश संरक्षण और अन्य मुद्दों पर कांग्रेस के सवालों का क्या जवाब देती है।