August 25, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में पार्षद को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी रखी बरकरार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर निगम से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में हाईकोर्ट ने पार्षद मोहम्मद सलमान को बड़ा झटका दिया है। वार्ड क्रमांक-35 शारदापारा से निर्वाचित पार्षद मोहम्मद सलमान की बर्खास्तगी को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। डिवीजन बेंच ने उनकी रिट अपील खारिज कर दी है।

मामला फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप से जुड़ा है। कोर्ट के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि संबंधित जाति प्रमाण पत्र के वैध रूप से जारी होने का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इसी आधार पर दुर्ग संभागायुक्त ने पहले ही उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।

OBC सीट से चुनाव जीतकर बने थे पार्षद

मोहम्मद सलमान ने वर्ष 2021 में भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक-35 शारदापारा से चुनाव लड़ा था। यह वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित था।

सलमान ने खुद को कुंजड़ा समुदाय से संबंधित बताते हुए चुनाव में हिस्सा लिया और जीत हासिल की। इसके बाद 23 दिसंबर 2021 को उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किया गया था।

हालांकि चुनाव के बाद उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतें सामने आने लगीं। शिकायतों की जांच प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई, जिसके बाद मामला आगे बढ़ा।

जांच में नहीं मिला वैध प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड

मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी, दुर्ग द्वारा की गई। जांच के दौरान मोहम्मद सलमान के नाम से जारी जाति प्रमाण पत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण विसंगतियां सामने आने की बात कही गई।

जांच में उनके नाम पर वैध जाति प्रमाण पत्र जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद मामले में प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ी।

दुर्ग संभागायुक्त ने 6 मई 2024 को मोहम्मद सलमान को पार्षद पद से हटाने का आदेश जारी किया। इस आदेश के खिलाफ की गई अपील भी 4 सितंबर 2024 को खारिज कर दी गई।

इसके बाद मोहम्मद सलमान ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सिंगल बेंच ने भी बर्खास्तगी को रखा था कायम

हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान भी पार्षद की ओर से बर्खास्तगी के आदेश को चुनौती दी गई थी।

3 अगस्त 2026 को सिंगल बेंच ने उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने संभागायुक्त द्वारा जारी बर्खास्तगी के आदेश में हस्तक्षेप करने का आधार नहीं पाया और आदेश को बरकरार रखा।

सिंगल बेंच के फैसले के बाद मोहम्मद सलमान ने इसे चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच के समक्ष रिट अपील दायर की।

डिवीजन बेंच ने भी खारिज की रिट अपील

डिवीजन बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संभागायुक्त की कार्रवाई और पहले दिए गए न्यायिक आदेशों पर विचार किया।

हाईकोर्ट ने माना कि दुर्ग संभागायुक्त ने पार्षद की अयोग्यता के संबंध में अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर कार्रवाई की थी। अदालत को सिंगल बेंच के फैसले में भी ऐसी कोई त्रुटि नहीं मिली, जिसके आधार पर उसमें हस्तक्षेप किया जा सके।

इसी आधार पर डिवीजन बेंच ने मोहम्मद सलमान की रिट अपील को खारिज कर दिया।

मामले की प्रमुख बातें

  • मोहम्मद सलमान भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक-35 शारदापारा से निर्वाचित हुए थे।
  • वर्ष 2021 में यह वार्ड OBC वर्ग के लिए आरक्षित था।
  • उन्होंने कुंजड़ा समुदाय से संबंधित होने का दावा करते हुए चुनाव लड़ा था।
  • जांच में उनके नाम पर वैध जाति प्रमाण पत्र जारी होने का रिकॉर्ड नहीं मिला।
  • दुर्ग संभागायुक्त ने 6 मई 2024 को उन्हें पार्षद पद से हटाने का आदेश दिया।
  • 4 सितंबर 2024 को संबंधित अपील भी खारिज कर दी गई।
  • हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 3 अगस्त 2026 को याचिका खारिज की।
  • अब डिवीजन बेंच ने भी उनकी रिट अपील खारिज कर दी है।

अब क्या है मामले की स्थिति?

डिवीजन बेंच द्वारा रिट अपील खारिज किए जाने के बाद मोहम्मद सलमान की पार्षद पद से बर्खास्तगी फिलहाल बरकरार है। हाईकोर्ट ने संभागायुक्त की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने का आधार नहीं पाया है।

इस फैसले से भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक-35 से जुड़ा यह विवाद फिलहाल मोहम्मद सलमान के पक्ष में नहीं गया है। मामले में आगे की कोई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं, यह संबंधित पक्ष के अगले कदम पर निर्भर करेगा।