August 24, 2026

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CM विष्णुदेव साय ने ‘जशपुर: एक परिचय’ पुस्तक का किया विमोचन, जिले की विकास यात्रा और जनजातीय संस्कृति पर है खास फोकस

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘जशपुर : एक परिचय’ का विमोचन किया। पुस्तक में जशपुर जिले के इतिहास, प्रशासनिक विकास, सुशासन, सामाजिक-आर्थिक बदलाव, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और भविष्य की विकास संभावनाओं का व्यापक अध्ययन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस प्रकाशन को जशपुर की विशिष्ट पहचान और विकास यात्रा को दस्तावेज के रूप में सामने लाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा को बधाई दी।

इतिहास से वर्तमान प्रशासन तक का अध्ययन

‘जशपुर : एक परिचय’ में आजादी के बाद जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में हुए बदलावों को विस्तार से समझने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं, उनकी कार्यप्रणाली और विकास की प्रक्रिया का भी अध्ययन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की विकास यात्रा को समझने के लिए केवल वर्तमान परिस्थितियों को देखना पर्याप्त नहीं है। उसके इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्था को भी समग्र रूप से समझना जरूरी है।

उनके मुताबिक यह पुस्तक जशपुर की वर्तमान तस्वीर के साथ-साथ समय के साथ प्रशासनिक संरचना और विकास प्रक्रिया में आए बदलावों को समझने का अवसर देती है।

प्रकृति और जनजातीय संस्कृति है जशपुर की खास पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर छत्तीसगढ़ के उन क्षेत्रों में शामिल है, जहां प्राकृतिक सुंदरता के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी मौजूद है।

जशपुर की पहचान यहां के:

  • पहाड़ों और घाटियों
  • नदियों और जलप्रपातों
  • घने वनों
  • जनजातीय संस्कृति
  • पारंपरिक जीवन-पद्धति
  • लोक कला और परंपराओं

से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि छोटानागपुर पठार के विस्तारित भू-भाग का हिस्सा होने के कारण जशपुर की भौगोलिक संरचना और जलवायु की अपनी विशिष्टता है। यहां की वन संपदा और स्थानीय आजीविका के स्वरूप भी इसे प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से अलग बनाते हैं।

विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर में अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में लगातार काम हुआ है। आने वाले समय में विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों और विशेषताओं को ध्यान में रखकर तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ स्थानीय संस्कृति तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है।

जशपुर में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करते हुए कई क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशने की जरूरत है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने जशपुर को प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बताया। जिले के पहाड़, जंगल, नदियां, झरने और खूबसूरत घाटियां पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखती हैं।

इसके अलावा जनजातीय जीवन, पारंपरिक कला, लोक संस्कृति और स्थानीय खान-पान भी जशपुर को अलग पहचान दे सकते हैं।

उन्होंने कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और महिला एवं युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

जिला प्रशासन की भूमिका पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन शासन और आम नागरिकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर लोगों तक सेवाएं पहुंचाने और स्थानीय समस्याओं के समाधान में जिला प्रशासन की केंद्रीय भूमिका रहती है।

ऐसे में किसी जिले की प्रशासनिक यात्रा, सफल प्रयोगों और चुनौतियों का दस्तावेजीकरण दूसरे क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।

उन्होंने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शोध, प्रशिक्षण, प्रकाशन और नीतिगत विमर्श के माध्यम से संस्थान लोक प्रशासन को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में योगदान दे रहा है।

इन लोगों की रही मौजूदगी

पुस्तक विमोचन के अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा, रायपुर के चेयरमैन एवं पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन एवं पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन, पूर्व मुख्य सचिव एवं वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘जशपुर : एक परिचय’ प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री साबित होगी।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक जशपुर की प्राकृतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने के साथ जिले के भविष्य के शोध और विकासपरक अध्ययनों के लिए भी आधार तैयार करेगी।