बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। उफनती चिंतावागु नदी ने ग्रामीणों के लिए आवागमन मुश्किल कर दिया है। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में नगर सेना (DDRF) की बचाव टीम ग्रामीणों के लिए सहारा बनी और बोट के जरिए लोगों को सुरक्षित नदी पार कराया।
चिंतावागु नदी के तेज बहाव के बीच नगर सेना के जवानों ने गुड्डीपाल गांव की बीमार महिला विमला अंगनपल्ली और उनके परिजनों को सुरक्षित नदी के दूसरे छोर तक पहुंचाया। इसके बाद महिला को उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया।
तेज बहाव के बीच बढ़ी मुश्किल
बीजापुर जिले में लगातार हो रही बारिश से कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सीधा असर लोगों के आवागमन पर पड़ा है।
तहसील बीजापुर के ग्राम चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी में पानी का बहाव बढ़ने के कारण ग्रामीणों के लिए नदी पार करना जोखिम भरा हो गया था। ऐसे में प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव दल को सक्रिय किया।
मौके पर पहुंची नगर सेना की टीम ने बोट की मदद से ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराने का काम शुरू किया।
बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल
इस दौरान गुड्डीपाल गांव की रहने वाली विमला अंगनपल्ली अस्वस्थ थीं। तेज बहाव के कारण उनके परिजनों के लिए उन्हें नदी पार कराना आसान नहीं था।
नगर सेना के जवानों ने सावधानी के साथ बोट का संचालन करते हुए महिला और उनके परिजनों को सुरक्षित दूसरे किनारे तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
इस राहत कार्य से समय पर स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचना संभव हो सका।
अस्वस्थ लोगों को दी गई प्राथमिकता
बचाव अभियान के दौरान नगर सेना की टीम ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। तेज बहाव और बारिश के बीच जवानों ने पूरी सतर्कता के साथ बोट चलाकर ग्रामीणों को नदी पार कराया।
विशेष रूप से अस्वस्थ लोगों को प्राथमिकता दी गई, ताकि उन्हें समय पर अस्पताल या अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचाया जा सके।
नगर सेना की इस तत्परता से बारिश के बीच फंसे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
राहत अभियान में प्रशासन की सक्रियता
जिले में बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन राहत और बचाव दलों को सक्रिय रख रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद पहुंचाने के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।
प्रशासन की ओर से विशेष रूप से इन पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है:
- नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखना।
- जोखिम वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों की सहायता करना।
- अस्वस्थ और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता से सुरक्षित निकालना।
- बोट के जरिए सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना।
- जरूरत पड़ने पर लोगों को स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल तक पहुंचाना।
संकट में ग्रामीणों के साथ खड़ा प्रशासन
बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बीजापुर के दूरस्थ इलाकों में आवागमन की चुनौती बढ़ जाती है। ऐसे समय में राहत और बचाव टीमों की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
चिन्नाकवाली के पास चिंतावागु नदी पर नगर सेना की कार्रवाई इसी तत्परता का उदाहरण है। ग्रामीणों ने मुश्किल समय में सहायता पहुंचाने के लिए बचाव दल के जवानों के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री की पहल, प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में राहत कार्य
प्रशासन के मुताबिक मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्राकृतिक आपदा और विषम परिस्थितियों में दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
वन एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। उद्देश्य यही है कि बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिले।
फिलहाल चिंतावागु नदी में बढ़े जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों से भी सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। नदी और तेज बहाव वाले इलाकों को पार करने के बजाय प्रशासन और बचाव दल की मदद लेना ऐसे समय में अधिक सुरक्षित है।

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