कृषि विभाग
धमतरी जिले में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री, कालाबाजारी, बिना बिल सामग्री बेचने और स्टॉक में गड़बड़ी जैसी अनियमितताओं पर विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में उप संचालक कृषि के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल द्वारा जिले के सहकारी संस्थानों और निजी उर्वरक-कीटनाशक विक्रय केंद्रों का नियमित और आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत हाल ही में जिले के विभिन्न विकासखंडों में कई विक्रय परिसरों की जांच की गई। जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि दो अन्य प्रतिष्ठानों पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है।
एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित
निरीक्षण के दौरान विकासखंड धमतरी के मेसर्स मधु कृषि केन्द्र, कोलियारी में अनियमितता पाए जाने पर उप संचालक कृषि ने संबंधित विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि किसानों को मिलने वाली कृषि सामग्री की गुणवत्ता और बिक्री प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दो कृषि केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध
जांच के दौरान दो अन्य प्रतिष्ठानों में भी अनियमितता सामने आई। इसके बाद विभाग ने दोनों के खिलाफ विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की।
कार्रवाई की सूची में शामिल हैं:
- मेसर्स गंगबेर कृषि केन्द्र, अछोटा
- मेसर्स शिवम ट्रेडर्स, खरेंगा
इन प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं के आधार पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की है।
8 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण अभियान के दौरान अन्य कई कृषि विक्रय केंद्रों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधित संचालकों को निर्धारित समय-सीमा में अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस पाने वाले प्रतिष्ठानों में शामिल हैं:
- मेसर्स अनल एग्रो एजेंसी, दानीटोला
- मेसर्स हिमांशु कृषि केन्द्र, कोलियारी
- मेसर्स धमतरी कृषि केन्द्र, भोयना
- मां कर्मा कृषि केन्द्र, भटगांव
- मेसर्स साहू ट्रेडर्स, अकलाडोंगरी
- मेसर्स किसान मितान, कोलियारी
- मेसर्स सिन्हा कृषि केन्द्र, कोलियारी
- मेसर्स हर्षिका कृषि केन्द्र, कोलियारी
इन विक्रेताओं से निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब और जांच के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इन अनियमितताओं पर रहेगी नजर
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरक और कीटनाशक की उपलब्धता से लेकर उनके भंडारण, वितरण, बिक्री दर और गुणवत्ता तक की लगातार निगरानी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान यदि निम्न में से कोई गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी:
- निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री
- बिना बिल उर्वरक या कीटनाशक की बिक्री
- स्टॉक में अनियमितता
- गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी
- कालाबाजारी
- भंडारण या वितरण में नियमों का उल्लंघन
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुधारात्मक रवैया नहीं अपनाने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
किसानों के लिए कृषि विभाग की जरूरी अपील
कृषकों से अपील की गई है कि वे उर्वरक और कीटनाशक केवल सहकारी संस्थाओं अथवा अधिकृत निजी विक्रय केंद्रों से ही खरीदें।
खरीदारी के दौरान किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
- सामग्री निर्धारित सरकारी दर पर ही खरीदें।
- हर खरीदारी का पक्का बिल जरूर लें।
- बिना बिल कृषि सामग्री न खरीदें।
- विक्रेता द्वारा अधिक कीमत मांगने पर शिकायत करें।
- गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर कृषि विभाग को सूचना दें।
- कालाबाजारी या अन्य अनियमितता की जानकारी तुरंत संबंधित कृषि कार्यालय को दें।
कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों से मिलने वाली शिकायतों पर नियमानुसार जांच की जाएगी और अनियमितता सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई होगी।
धमतरी जिले में चल रहे इस निरीक्षण अभियान से कृषि सामग्री की बिक्री में पारदर्शिता लाने और किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन की सख्ती साफ दिखाई दे रही है।

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