August 18, 2026

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छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर! सूरजपुर में सड़कें बहीं, कच्चे मकान ढहे; केलो डैम के 4 गेट खुले, आज भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सूरजपुर जिले के दूरस्थ चांदनी-बिहारपुर इलाके में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। कई जगह सड़कें पानी के तेज बहाव में बह गईं, जबकि कच्चे मकानों के गिरने की भी खबर है।

उधर रायगढ़ में लगातार बारिश के कारण केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सोमवार रात केलो डैम के चार गेट खोल दिए गए। प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर अब नदी और निचले इलाकों में बढ़ते जलस्तर पर बनी हुई है।

सूरजपुर में सड़कें बहीं, गांवों का संपर्क टूटा

चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। कांतीपुर गांव में सड़क पर बनी पाइप पुलिया तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है।

खैरा और कांतीपुर में कई कच्चे मकानों के गिरने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं रसोकी गांव की बरगा नदी उफान पर है। नदी में पानी बढ़ने से आसपास के कई गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है।

बारिश से इन इलाकों में बढ़ी परेशानी
कई ग्रामीण सड़कें तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हुईं।
कांतीपुर की पाइप पुलिया बह गई।
खैरा और कांतीपुर में कच्चे मकान गिरे।
बरगा नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन प्रभावित हुआ।
कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया।
प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
केलो डैम के 4 गेट खोले गए

रायगढ़ जिले में भी पिछले 24 घंटे से बारिश का दौर जारी है। लगातार पानी गिरने के कारण केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए सोमवार रात केलो डैम के चार गेट खोलकर पानी की निकासी की गई।

डैम के गेट खोले जाने के बाद नदी के आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता जरूरी हो गई है। लोगों से जलस्रोतों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने की अपील की गई है।

आज उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उससे लगे क्षेत्रों में बने अवदाब के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का सिस्टम सक्रिय है। इसके चलते 18 अगस्त को उत्तरी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। एक-दो स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है।

रायपुर में बादल और गरज-चमक के साथ बारिश

राजधानी रायपुर में मंगलवार को आसमान में सामान्यतः बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

अंबिकापुर सबसे गर्म, दुर्ग सबसे ठंडा

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के तापमान में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार:

अंबिकापुर: सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.4°C
दुर्ग: सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.2°C

लगातार बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।

इन जगहों पर हुई सबसे ज्यादा बारिश

प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

कोरबा: 17 सेमी
कोटाडोल: 10 सेमी
बिहारपुर: 10 सेमी
अजगरबहार: 9 सेमी
डौंडीलोहारा: 7 सेमी
ओडगी: 6 सेमी
रायपुर शहर: 6 सेमी
छाल: 6 सेमी
कापू: 6 सेमी
लाल बहादुर नगर: 5 सेमी
अंबागढ़ चौकी: 5 सेमी
लखनपुर: 5 सेमी
छुरा: 5 सेमी
दरीं: 5 सेमी
अगले दो दिन भी बारिश से राहत नहीं

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

ऐसे मौसम में ग्रामीण और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने भी लोगों से उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने, पुल-पुलियों पर तेज बहाव होने की स्थिति में आगे नहीं बढ़ने और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

लगातार बारिश के बीच सूरजपुर में क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलियाओं ने ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ा दी है, जबकि रायगढ़ में डैम के गेट खोले जाने से जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दो दिनों में बारिश जारी रहने के पूर्वानुमान के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।