तमिलनाडु की राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार के कुछ मंत्रियों पर सरकारी टेंडरों में कथित कमीशन मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अन्नामलाई का दावा है कि उनके पास कथित लेन-देन से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चेन्नई में रविवार को अपने संगठन की ओर से आयोजित पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में अन्नामलाई ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आरोपों को गंभीरता से लेने और संबंधित मंत्रियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
‘2 से 4 फीसदी कमीशन मांग रहे मंत्री’
अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि सरकारी टेंडर लेने वाले कुछ ठेकेदारों से कथित तौर पर 2%, 3% और 4% तक कमीशन मांगा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले बड़े सरकारी टेंडरों में इस तरह की मांग नहीं होती थी, लेकिन अब कुछ मंत्रियों पर कमीशन मांगने के आरोप लग रहे हैं।
उनके मुताबिक, कथित तौर पर कुछ लोगों का कहना है कि चुनाव में पैसा खर्च किया गया है और उसकी भरपाई के लिए हिस्सा दिया जाना चाहिए।
हालांकि, अन्नामलाई के आरोपों में किसी मंत्री का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
‘मेरे पास ऑडियो रिकॉर्डिंग है’
इस मामले को और गंभीर बनाते हुए अन्नामलाई ने कहा कि उनके पास कथित लेन-देन से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है।
उनका कहना है कि इन आरोपों की जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अन्नामलाई के आरोपों के मुख्य बिंदु
कुछ मंत्रियों पर सरकारी टेंडरों में कमीशन मांगने का आरोप।
कथित कमीशन 2 से 4 फीसदी तक होने का दावा।
ठेकेदारों से कथित तौर पर भुगतान मांगने की बात।
अन्नामलाई ने ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया।
मुख्यमंत्री से संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
विजय सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल
अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री विजय के भ्रष्टाचार के खिलाफ दिए गए बयानों का हवाला देते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने भ्रष्टाचार खत्म करने को शासन की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए सख्त संदेश दिया था।
यही वजह है कि अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री से कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर नजर रखने की अपील की है।
‘नियमित समीक्षा से मंत्रियों पर रखें लगाम’
अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री से मंत्रियों और अधिकारियों की नियमित समीक्षा बैठकें करने को कहा। उनका तर्क है कि प्रशासनिक स्तर पर निगरानी कमजोर पड़ने पर भ्रष्टाचार जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा किया है, इसलिए इस दिशा में लगातार निगरानी और कार्रवाई भी जरूरी है।
आरोपों के बीच अब सरकार के जवाब का इंतजार
अन्नामलाई के बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे से मंत्रियों पर कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए हैं।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या सरकार अन्नामलाई के ऑडियो रिकॉर्डिंग वाले दावे की जांच कराएगी? यदि रिकॉर्डिंग सामने आती है तो उसकी प्रमाणिकता और उसमें मौजूद बातचीत की स्वतंत्र जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी आरोपी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आरोपों को अभी दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।
तमिलनाडु की राजनीति में भ्रष्टाचार का मुद्दा पहले भी बड़ा राजनीतिक हथियार रहा है। ऐसे में अन्नामलाई के ताजा आरोपों ने मुख्यमंत्री विजय सरकार के सामने पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब निगाह सरकार की प्रतिक्रिया और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग पर है।

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