अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 83 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले सप्ताह भी करीब 6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद 17 अगस्त को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
90 डॉलर के करीब पहुंचा Brent Crude
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 89 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड करीब 83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
तेल बाजार में तेजी की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव माना जा रहा है। क्षेत्र में किसी नए संघर्ष या सप्लाई बाधित होने की आशंका का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों पर पड़ता है।
वीकेंड पर इजराइल की ओर से लेबनान में किए गए हमलों की खबरों के बाद भी बाजार में तनाव बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार इन हमलों में हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर समेत 11 लोगों की मौत हुई।
भारत में फिलहाल नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के रेट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने के बावजूद 17 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं।
हालांकि, अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग होते हैं। इसका कारण स्थानीय टैक्स, वैट और अन्य शुल्क हैं।
17 अगस्त को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली 102.12 95.20
कोलकाता 113.51 99.82
मुंबई 111.21 97.83
चेन्नई 107.76 99.55
गुरुग्राम 102.97 95.64
नोएडा 101.96 95.44
बेंगलुरु 111.68 99.56
भुवनेश्वर 108.97 100.68
चंडीगढ़ 101.54 89.47
हैदराबाद 115.69 103.82
जयपुर 112.66 97.78
लखनऊ 101.86 95.36
पटना 113.37 99.36
तिरुवनंतपुरम 115.49 —
क्यों बढ़ रहे हैं कच्चे तेल के दाम?
अंतरराष्ट्रीय क्रूड बाजार में कीमतों को कई कारक प्रभावित करते हैं। मौजूदा समय में मिडिल ईस्ट का तनाव सबसे अहम वजहों में शामिल है।
यदि प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों से सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ती है तो बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर चिंता पैदा होती है। इसका असर कीमतों पर तेजी के रूप में दिखाई देता है।
पिछले सप्ताह भी क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अब सोमवार की तेजी ने बाजार में आगे की कीमतों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
क्या भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होगा?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर हमेशा तत्काल पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। घरेलू ईंधन की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय क्रूड के अलावा टैक्स, रिफाइनिंग लागत, मुद्रा विनिमय दर और तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण व्यवस्था जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
इसलिए फिलहाल 17 अगस्त को प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट स्थिर हैं, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो आगे इसका असर घरेलू ईंधन बाजार पर पड़ सकता है।
वाहन चालकों की नजर अब अगले अपडेट पर
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी के बीच वाहन चालकों और कारोबारियों की नजर अब आने वाले दिनों के अंतरराष्ट्रीय बाजार पर रहेगी। खासकर मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति और वैश्विक तेल सप्लाई पर इसका असर कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि 17 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का 89 डॉलर के पार जाना आने वाले दिनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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