रायपुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ देशभक्ति के रंग में रंगने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में इस बार ‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम्’ अभियान को बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। संस्कृति विभाग की ओर से 7 से 17 अगस्त 2026 तक राज्यभर में विभिन्न देशभक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान 9 से 17 अगस्त तक चलाया जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन को ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव से भी जोड़ा गया है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के आसपास प्रदेश में देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों की व्यापक श्रृंखला देखने को मिलेगी।
9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान
संस्कृति विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जाएगा। लोगों को अपने घरों, प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
वहीं, 7 से 15 अगस्त तक ‘वंदे मातरम्’ गायन और उससे जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के बाद प्रदेशभर में सामूहिक राष्ट्रगान और वंदे मातरम् गायन के कार्यक्रम होंगे।
तिरंगा यात्रा और रैलियों से बनेगा देशभक्ति का माहौल
अभियान के दौरान प्रदेश के जिला मुख्यालयों से लेकर विकासखंड, ग्राम पंचायत और शैक्षणिक संस्थानों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- तिरंगा यात्राएं
- बाइक और कार रैलियां
- मशाल रैलियां
- तिरंगा मैराथन
- देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम
- सामूहिक राष्ट्रगान
- वंदे मातरम् गायन
इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के साथ स्व-सहायता समूह, पुलिस, NCC, NSS, स्काउट-गाइड और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर बनें अभियान का हिस्सा
‘हर घर तिरंगा’ अभियान में डिजिटल भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। नागरिक अपने घर पर फहराए गए तिरंगे के साथ तिरंगा सेल्फी ले सकेंगे और उसे ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि अभियान के सक्रिय सहभागी के रूप में जोड़ना है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी देशभक्ति की भावना को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है।
तिरंगा कैनवास और देशभक्ति कॉन्सर्ट भी होंगे
प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा कैनवास, तिरंगा मेले और देशभक्ति कॉन्सर्ट आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को भी अपनी प्रतिभा और उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
तिरंगा मेलों के जरिए स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ग्रामीण एवं पारंपरिक कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
वंदे मातरम् गायन के लिए बनेंगे ऑडियो-वीडियो बूथ
इस बार अभियान में एक खास डिजिटल पहल भी शामिल की गई है। प्रदेशभर में ऑडियो और वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। यहां नागरिक स्वयं ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर अपनी रिकॉर्डिंग तैयार कर सकेंगे और उसे अभियान से जुड़े प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सकेंगे।
इससे युवा और आम नागरिक भी अभियान में अपनी रचनात्मक भागीदारी दर्ज करा सकेंगे।
14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान भारत विभाजन की त्रासदी और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों को याद किया जाएगा।
इस अवसर पर विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके अलावा राज्य पुलिस बैंड की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
7 से 17 अगस्त तक कार्यक्रमों की खास श्रृंखला
छत्तीसगढ़ में इस अभियान के तहत अगले कुछ दिनों तक लगातार देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस को केवल एक सरकारी समारोह तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का उत्सव बनाना है।
कार्यक्रमों के जरिए बच्चों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, कलाकारों और आम नागरिकों को सीधे जोड़ा जाएगा।
एक नजर में पूरा अभियान
- 7 से 15 अगस्त: वंदे मातरम् गायन और सांस्कृतिक गतिविधियां
- 9 से 17 अगस्त: हर घर तिरंगा अभियान
- 14 अगस्त: विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस
- 15 अगस्त: ध्वजारोहण के बाद सामूहिक राष्ट्रगान और वंदे मातरम् गायन
- 7 से 17 अगस्त: विभिन्न तिरंगा यात्राएं, रैलियां, मैराथन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस वर्ष ‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम्’ अभियान के जरिए छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस समारोह को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी है। घर-घर तिरंगा फहराने से लेकर तिरंगा यात्राओं, देशभक्ति कॉन्सर्ट और सामूहिक गायन तक, प्रदेशभर में राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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