August 8, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

मुंगेली की 90 स्कूलों की बेटियों को बड़ी सौगात, ₹3.87 करोड़ से बनेंगे आधुनिक बालिका शौचालय

मुंगेली। ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए मुंगेली जिला प्रशासन ने एक अहम पहल शुरू की है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन यानी वीबी-जी राम जी योजना के तहत जिले के 90 शासकीय विद्यालयों में आधुनिक बालिका शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन की ओर से कुल 3 करोड़ 87 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

इस फैसले का सीधा लाभ उन छात्राओं को मिलेगा, जिन्हें वर्तमान में विद्यालय परिसर में पर्याप्त शौचालय सुविधा नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर किशोरावस्था की छात्राओं के लिए स्कूल में सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा बेहद जरूरी मानी जाती है।

90 सरकारी स्कूलों में शुरू होगा निर्माण

मुंगेली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे 90 शासकीय विद्यालयों का चयन किया गया है, जहां बालिकाओं के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। प्रत्येक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 4.30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

कुल स्वीकृत राशि से इन विद्यालयों में जरूरी सुविधाओं के साथ शौचालय निर्माण कराया जाएगा। निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

प्रशासन ने निर्माण कार्यों को लेकर गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर दिया है। संबंधित एजेंसियों को तकनीकी मानकों का पालन करने और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ेगा सीधा असर

विद्यालय में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा की कमी का असर छात्राओं की पढ़ाई और उपस्थिति पर भी पड़ सकता है। कई बार असुविधा के कारण छात्राएं स्कूल आने से बचती हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ने की स्थिति तक पहुंच जाती हैं।

नए बालिका शौचालय बनने से छात्राओं को विद्यालय परिसर में ही सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा मिल सकेगी। इससे स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाने और पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस पहल से कई महत्वपूर्ण फायदे होंगे—

  • छात्राओं को सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा मिलेगी।
  • विद्यालयों में बालिकाओं की नियमित उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी।
  • किशोरियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी बेहतर सुविधा मिलेगी।
  • छात्राओं के आत्मविश्वास और सम्मान को बढ़ावा मिलेगा।
  • अभिभावकों की बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता कम होगी।
  • ग्रामीण स्कूलों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

योजना से स्थानीय लोगों को भी मिलेगा रोजगार

इस परियोजना का फायदा केवल छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा। निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय श्रमिकों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

निर्माण कार्य में लगे स्थानीय श्रमिकों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आय को भी सहारा मिलेगा।

इस तरह योजना के माध्यम से एक ओर विद्यालयों में जरूरी आधारभूत सुविधा तैयार होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

बालिकाओं की गरिमा और सुरक्षा को प्राथमिकता

जिला प्रशासन का कहना है कि विद्यालय में बालिका शौचालय का निर्माण केवल एक भवन तैयार करने की परियोजना नहीं है। यह छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा से सीधे जुड़ा विषय है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि बालिकाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य इस तरह कराया जाए कि छात्राओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

मुंगेली जिले के 90 सरकारी स्कूलों में बालिका शौचालय का निर्माण ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्कूल में बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने से छात्राओं के लिए पढ़ाई का वातावरण अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में केवल कक्षाएं और शिक्षक ही पर्याप्त नहीं हैं। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उतनी ही जरूरी हैं।

मुंगेली में शुरू की गई यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि निर्माण कार्य तय समय और गुणवत्ता के साथ पूरे होते हैं, तो आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्र की हजारों छात्राओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।

कुल मिलाकर, वीबी-जी राम जी योजना के तहत 90 विद्यालयों में 3.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ये बालिका शौचालय मुंगेली की छात्राओं के लिए सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मसम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकते हैं।