August 3, 2026

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दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान! 16 साल बाद आपदा प्रबंधन कर्मचारियों का मानदेय 100% तक बढ़ेगा

दिल्ली सरकार ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DSDMA) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से वर्षों से सीमित मानदेय पर काम कर रहे प्रोजेक्ट ऑफिसर (PO), डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर (DPO) और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (PC) को बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार का कहना है कि यह केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की विशेषज्ञता, जिम्मेदारियों और वर्षों की सेवा का सम्मान है। इस निर्णय का उद्देश्य राजधानी की आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सक्षम, आधुनिक और पेशेवर बनाना भी है।

16 साल बाद मिला बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2009 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के सहयोग से इन पदों की शुरुआत हुई थी। उस समय तय किया गया मानदेय पिछले 16 वर्षों में कभी संशोधित नहीं किया गया।

अब सरकार ने इस लंबे इंतजार को समाप्त करते हुए नई मानदेय संरचना लागू करने का निर्णय लिया है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

मानदेय वृद्धि का लाभ इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा—

प्रोजेक्ट ऑफिसर (PO)
डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर (DPO)
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (PC)

सरकार के अनुसार, इन सभी पदों पर कार्यरत कर्मियों के मानदेय में 100 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी।

पहले कितना था मानदेय?

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से कर्मचारियों को निम्न मानदेय मिल रहा था—

प्रोजेक्ट ऑफिसर (PO): 25,000 रुपये प्रतिमाह
डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर (DPO): 25,000 रुपये प्रतिमाह
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (PC): 20,000 रुपये प्रतिमाह

महंगाई बढ़ने, कार्यक्षेत्र के विस्तार और जिम्मेदारियों में वृद्धि के बावजूद यह राशि अपरिवर्तित रही थी।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 16 वर्षों में—

महंगाई लगातार बढ़ी।
आपदा प्रबंधन की चुनौतियां जटिल हुईं।
कर्मचारियों की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ीं।
लेकिन मानदेय में कोई संशोधन नहीं हुआ।

इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई वेतन संरचना को मंजूरी दी है।

क्या बोले मुख्यमंत्री?

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी प्रकार की अनुग्रह राशि नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की जिम्मेदारियों, अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता के अनुरूप उचित एवं प्रतिस्पर्धी मानदेय सुनिश्चित करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सरकार उन कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करना चाहती है, जिन्होंने वर्षों तक सीमित संसाधनों में भी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा।

आपदा प्रबंधन में क्या है इनकी भूमिका?

DSDMA के ये कर्मचारी केवल कार्यालयी काम नहीं करते, बल्कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं।

प्रमुख कार्य
जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करना
प्राकृतिक एवं मानवजनित जोखिमों का आकलन
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
आपदा जोखिम कम करने की रणनीति बनाना
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय
आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना
प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन

इनकी भूमिका राजधानी में किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अहम मानी जाती है।

अन्य राज्यों की तुलना में कम था मानदेय

मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में समान जिम्मेदारियां निभाने वाले अधिकारियों को 45 हजार से 50 हजार रुपये या उससे अधिक का मानदेय मिलता है।

इसके अलावा दिल्ली सरकार के अन्य विभागों में समान स्तर के संविदा कर्मचारियों का पारिश्रमिक भी अपेक्षाकृत अधिक है। ऐसे में DSDMA कर्मचारियों के मानदेय में संशोधन आवश्यक माना गया।

भविष्य में और भी मिल सकती हैं सुविधाएं

सरकार ने संकेत दिया है कि आगे चलकर इस संवर्ग के लिए अन्य कल्याणकारी कदम भी उठाए जा सकते हैं।

संभावित पहलें—

प्रदर्शन आधारित वार्षिक वेतन वृद्धि
कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा सुरक्षा
नियमित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम
आधुनिक तकनीकों पर विशेष कार्यशालाएं
पेशेवर विकास के नए अवसर
दिल्ली की आपदा प्रबंधन व्यवस्था होगी और मजबूत

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य केवल कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाना नहीं, बल्कि पूरी आपदा प्रबंधन प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है। बेहतर वेतन और सुविधाओं से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे राजधानी में आपदा प्रबंधन की क्षमता और प्रभावशीलता मजबूत होगी।