July 29, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

भाजपा में बड़ा सियासी भूचाल: डोंगरगढ़ में 111 कार्यकर्ताओं का सामूहिक इस्तीफा, संगठन की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

डोंगरगढ़ भाजपा इस्तीफा

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में भाजपा के 111 कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा देकर संगठन में हलचल मचा दी है। इस्तीफे में पार्टी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जानिए पूरा मामला।

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डोंगरगढ़ भाजपा इस्तीफा मामले ने संगठन के भीतर चल रही नाराजगी को खुलकर सामने ला दिया है। डोंगरगढ़ शहर भाजपा मंडल के 111 कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा देने की घोषणा कर पार्टी में हलचल मचा दी है।

सामूहिक इस्तीफे में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के मोर्चा-प्रकोष्ठ के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों के साथ पूर्व पार्षद, बूथ अध्यक्ष, सक्रिय सदस्य और शक्ति केंद्र प्रभारी भी शामिल बताए गए हैं। सभी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी।

पहली बार कैमरे के सामने आए कार्यकर्ता

इस्तीफे की घोषणा के बाद कई भाजपा कार्यकर्ता पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए और अपनी नाराजगी जाहिर की।

कार्यकर्ताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए और कहा कि लंबे समय से आंतरिक स्तर पर समस्याएं बनी हुई थीं। उनका कहना है कि कई मुद्दों को पार्टी के भीतर उठाया गया, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिला। इसी कारण सामूहिक इस्तीफे का निर्णय लिया गया।

हालांकि, इस्तीफा देने वाले नेताओं ने सार्वजनिक रूप से संगठन की कार्यशैली पर असंतोष जरूर जताया, लेकिन विस्तृत आरोपों पर पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

जिला अध्यक्ष ने क्या कहा?

पूरे घटनाक्रम पर भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है।

उन्होंने बताया कि:

अभी तक किसी भी कार्यकर्ता ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से या पार्टी कार्यालय में इस्तीफा नहीं सौंपा है।
डोंगरगढ़ शहर भाजपा में कुछ आंतरिक मुद्दे पहले से चल रहे थे।
संगठन स्तर पर इन समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा था।
इस्तीफे की आधिकारिक प्रति मिलने के बाद पार्टी नियमानुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।
संगठन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

सामूहिक इस्तीफे के साथ जारी प्रेस विज्ञप्ति में डोंगरगढ़ शहर भाजपा मंडल की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

हालांकि सभी आरोपों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इस्तीफे से यह संकेत जरूर मिला है कि संगठन के भीतर लंबे समय से असंतोष का माहौल बना हुआ था।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर कार्यकर्ताओं का एक साथ इस्तीफा किसी भी संगठन के लिए गंभीर संकेत माना जाता है।

किन-किन लोगों ने दिया इस्तीफा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार सामूहिक इस्तीफे में शामिल लोगों में:

वर्तमान मंडल पदाधिकारी
पूर्व मंडल पदाधिकारी
जिला एवं प्रदेश मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारी
पूर्व पार्षद
बूथ अध्यक्ष
सक्रिय सदस्य
शक्ति केंद्र प्रभारी

जैसे कई संगठनात्मक पदों पर कार्य कर चुके कार्यकर्ता शामिल बताए गए हैं।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इस्तीफों की औपचारिक पुष्टि और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

संभावना है कि:

जिला और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं से चर्चा कर सकते हैं।
संगठन के भीतर समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा सकता है।
विवाद को सुलझाने के लिए संवाद की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि असंतुष्ट कार्यकर्ता अपने फैसले पर कायम रहते हैं या बातचीत के बाद कोई समाधान निकलता है।

मुख्य बातें
डोंगरगढ़ भाजपा के 111 कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफे की घोषणा की।
इस्तीफा देने वालों में वर्तमान और पूर्व पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष एवं सक्रिय सदस्य शामिल।
संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए।
जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि आधिकारिक इस्तीफा अभी प्राप्त नहीं हुआ है।
पार्टी ने संकेत दिए हैं कि आधिकारिक प्रति मिलने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
मामले ने जिले की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।