July 28, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

LPG पर सरकार का बड़ा फैसला! 2027 से अमेरिका से आएगी 25% रसोई गैस, जानिए आपकी गैस सप्लाई पर क्या होगा असर

भारत सरकार ने रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेने की तैयारी की है। सरकार की योजना है कि वर्ष 2027 से देश के कुल LPG आयात का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका से खरीदा जाए। इस कदम का उद्देश्य केवल गैस खरीदना नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, मध्य-पूर्व पर निर्भरता कम करना और भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और मध्य-पूर्व में संघर्ष के कारण भारत को LPG आपूर्ति में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ऐसे हालात में सरकार अब गैस आयात के स्रोतों को विविध बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

क्यों लिया जा रहा है यह बड़ा फैसला?

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अब तक देश में आने वाली अधिकांश LPG मध्य-पूर्व के देशों से आती रही है। यदि किसी कारण वहां आपूर्ति बाधित होती है तो इसका सीधा असर भारत की गैस उपलब्धता पर पड़ता है।

सरकार की नई रणनीति का उद्देश्य है कि:

  • मध्य-पूर्व पर निर्भरता कम हो।
  • गैस सप्लाई अधिक सुरक्षित बने।
  • किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर देश में रसोई गैस की कमी न हो।
  • अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध और मजबूत हों।

भारत कितना LPG आयात करता है?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने लगभग 2.18 करोड़ टन LPG का आयात किया था। इसमें करीब 90 प्रतिशत गैस मध्य-पूर्व से आई थी।

वहीं देश में उपयोग होने वाली कुल LPG का लगभग 66 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। यही कारण है कि सरकार अब आयात के नए विकल्प तैयार कर रही है।

2027 के लिए जल्द जारी होंगे टेंडर

सूत्रों के अनुसार, देश की प्रमुख तेल कंपनियां—

  • इंडियन ऑयल (IOC)
  • भारत पेट्रोलियम (BPCL)
  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)

अगले एक-दो महीनों में वर्ष 2027 के लिए अमेरिका से LPG खरीदने के टेंडर जारी कर सकती हैं। साथ ही इन कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका जाकर आपूर्ति और कीमतों पर चर्चा भी करेगा।

अमेरिका से गैस खरीदने का क्या फायदा होगा?

भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। सरकार पहले ही अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने की प्रतिबद्धता जता चुकी है।

इस रणनीति से संभावित लाभ:

  • ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
  • गैस आपूर्ति में स्थिरता आएगी।
  • वैश्विक संकट का असर कम होगा।
  • व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।
  • भविष्य में सप्लाई बाधित होने की संभावना घटेगी।

अमेरिका से बढ़ रहा है LPG आयात

हाल के महीनों में भारत ने स्पॉट मार्केट के माध्यम से भी अमेरिका से LPG खरीद बढ़ाई है। जून 2026 में पहली बार अमेरिका से 10 लाख टन से अधिक LPG आयात की गई। अनुमान है कि इस वर्ष अमेरिका से कुल आयात पहले तय लक्ष्य 22 लाख टन से भी अधिक हो सकता है।

घरेलू मांग लगातार बढ़ रही है

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में LPG की मांग लगातार बढ़ेगी। वर्ष 2027 तक देश की कुल मांग लगभग 3.1 करोड़ टन तक पहुंच सकती है, जबकि आयात करीब 2 करोड़ टन रहने का अनुमान है।

ऐसे में अलग-अलग देशों से गैस खरीदने की नीति भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

क्या उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर?

फिलहाल सरकार की इस योजना का सीधा असर घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों पर नहीं माना जा रहा है। यह फैसला मुख्य रूप से गैस आपूर्ति को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाने के लिए है। यदि भविष्य में वैश्विक संकट आता है, तो विभिन्न स्रोतों से आयात होने के कारण देश में गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में कहा कि भारत LPG आयात के स्रोतों में विविधता ला रहा है ताकि किसी भी क्षेत्रीय संकट का असर देश की गैस आपूर्ति पर कम से कम पड़े। सरकार का लक्ष्य उपभोक्ताओं तक रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना और ऊर्जा सुरक्षा को लंबे समय तक मजबूत बनाना है।