July 28, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर CJP का बड़ा बयान! बोली- पहले हमारी सभी मांगें मानो, फिर कोई और राहत दें

CJP

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शनकारियों को राहत देने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अदालत द्वारा लगाई गई शर्तें उन्हें स्वीकार नहीं हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि सरकार को पहले उनकी मूल मांगों को पूरी तरह लागू करना चाहिए। इसके बाद यदि सुप्रीम कोर्ट अतिरिक्त राहत देता है, तो उसका भी स्वागत किया जाएगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कुछ अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने विशेष रूप से ऐसे नाबालिग प्रदर्शनकारियों की रिहाई का निर्देश दिया है, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है और जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने यह निर्देश विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिए।

CJP ने क्या कहा?

सौरभ दास ने कहा कि पार्टी की मांगें पहले से स्पष्ट हैं और उनमें किसी प्रकार की शर्त नहीं जोड़ी जानी चाहिए।

उनके अनुसार:

सरकार पहले सभी तय मांगों को लागू करे।
बाद में यदि सुप्रीम कोर्ट अतिरिक्त राहत देता है, तो उसे भी लागू किया जा सकता है।
अदालत की शर्तों को उनकी मूल मांगों का विकल्प नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि पार्टी का रुख शुरू से एक जैसा रहा है और उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

किन शर्तों पर जताई आपत्ति?

सौरभ दास ने कहा कि उन्हें उन शर्तों पर आपत्ति है जिनमें राहत को कुछ विशेष पात्रता मानकों से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि उनकी मांग थी:

प्रदर्शन से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए।
हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार सभी लोगों को रिहा किया जाए।
भविष्य में भी इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई न की जाए।

उनका कहना है कि यह मांग सभी प्रदर्शनकारियों के लिए थी, न कि केवल किसी विशेष श्रेणी के लोगों के लिए।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम निर्देश देते हुए कहा कि:

18 वर्ष से कम आयु के ऐसे प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए,
जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

इन निर्देशों के अलावा मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

सरकार से क्या उम्मीद जता रही है CJP?

सौरभ दास ने दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिया गया था कि उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि:

आदेश की भाषा को लेकर भी चर्चा हुई थी।
पार्टी नहीं चाहती थी कि ऐसे शब्द शामिल हों जिनकी अलग-अलग व्याख्या की जा सके।
उनका आग्रह था कि प्रदर्शन से जुड़े सभी लोगों को समान रूप से राहत मिले।
राजनीतिक और कानूनी स्थिति

फिलहाल इस मामले में दो अलग-अलग प्रक्रियाएं समानांतर रूप से चल रही हैं:

सुप्रीम कोर्ट अपने समक्ष लंबित याचिकाओं पर कानूनी आदेश दे रहा है।
CJP सरकार से अपनी राजनीतिक और आंदोलन से जुड़ी मांगों को बिना अतिरिक्त शर्तों के लागू करने की मांग कर रही है।

इन दोनों प्रक्रियाओं का दायरा अलग है और आगे की स्थिति सरकार तथा न्यायालय के आगामी कदमों पर निर्भर करेगी।

प्रमुख बातें एक नजर में
CJP ने सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर असहमति जताई।
पार्टी ने सरकार से अपनी सभी मूल मांगें पूरी करने की मांग दोहराई।
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नाबालिग प्रदर्शनकारियों की रिहाई के अंतरिम निर्देश दिए हैं।
CJP का कहना है कि राहत सभी प्रदर्शनकारियों को मिलनी चाहिए, केवल कुछ श्रेणियों तक सीमित नहीं।
मामले में कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।