July 30, 2026

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भारत ने रचा इतिहास! PM मोदी ने दिखाई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जींद-सोनीपत रूट पर शुरू हुई ग्रीन यात्रा

जींद। भारत ने रेलवे क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन से ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है।

इससे पहले जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन जैसे देशों में हाइड्रोजन आधारित ट्रेनें चल रही हैं। भारत की यह पहल स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

जींद-सोनीपत के बीच चलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद और सोनीपत रेलखंड पर संचालित होगी।

इसकी प्रमुख विशेषताएं:

  • ट्रेन में कुल 10 कोच हैं।
  • जींद से सोनीपत के बीच करीब 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
  • यात्रा का समय लगभग 2 घंटे होगा।
  • ट्रेन मार्ग में 14 रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
  • इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
  • यात्रियों के लिए किराया 5 रुपये से 25 रुपये के बीच रखा गया है।

112 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई परियोजना

इस हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना को करीब 112 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। इसमें केवल ट्रेन को हाइड्रोजन तकनीक से लैस नहीं किया गया, बल्कि जींद में हाइड्रोजन उत्पादन, स्टोरेज और ईंधन भरने के लिए आधुनिक केंद्र भी तैयार किया गया है।

ट्रेन के डिजाइन और इंटीग्रेशन का काम चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है। वहीं हाइड्रोजन प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करने की जिम्मेदारी मेधा सर्वो ड्राइव्स ने निभाई है।

जींद में बना देश का पहला हाइड्रोजन प्लांट

हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए जींद रेलवे स्टेशन के पास देश का पहला हाइड्रोजन स्टोरेज और फ्यूलिंग प्लांट तैयार किया गया है।

इस प्लांट की खास बातें:

  • इलेक्ट्रोलिसिस तकनीक से प्रतिदिन लगभग 430 किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्पादन।
  • करीब 3000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोरेज क्षमता
  • ट्रेन में एक बार में लगभग 440 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकती है।

यह पूरी व्यवस्था ट्रेन संचालन को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

ग्रीन एनर्जी की दिशा में बड़ा कदम

हाइड्रोजन ट्रेन को पर्यावरण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेनें पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में प्रदूषण कम करने में मदद करती हैं।

इस परियोजना का उद्देश्य—

  • कार्बन उत्सर्जन कम करना।
  • स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना।
  • रेलवे को आधुनिक और टिकाऊ बनाना।
  • भविष्य के लिए ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करना।

PM मोदी ने विकास परियोजनाओं का भी किया शुभारंभ

ट्रेन को रवाना करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, दो मेडिकल कॉलेज समेत कुल नौ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हरियाणा से शुरू होना राज्य के लिए गर्व की बात है और यह भारत की हरित ऊर्जा यात्रा को नई दिशा देगा।

भारत की तकनीकी क्षमता को मिली नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में दुनिया को दिशा देने वाला देश बन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और आधुनिक विकास के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।