July 26, 2026

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मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 10 साल बाद फिर शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया, 20 जुलाई तक जारी हो सकते हैं आदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सभी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को तेज कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले यानी 20 जुलाई तक अधिक से अधिक पदोन्नति आदेश जारी कर दिए जाएं।

इसके लिए सभी विभागों को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें जल्द पूरी करने और लंबित मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

विधानसभा सत्र से पहले प्रमोशन पूरा करने की तैयारी

राज्य सरकार चाहती है कि पदोन्नति नियमों को लेकर हाई कोर्ट में किसी भी संभावित निर्णय से पहले विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसी उद्देश्य से अलग-अलग विभागों में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि—

  • विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठक जल्द आयोजित की जाए।
  • पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए।
  • लंबित पदोन्नति प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
  • समय सीमा के भीतर पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी पदोन्नति की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सामान्य प्रशासन विभाग से 1 जुलाई से अब तक हुई पदोन्नतियों की जानकारी मांगी है। इससे साफ है कि सरकार पूरे मामले की निगरानी कर रही है और विभागवार प्रगति रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

वहीं विधानसभा सचिवालय में भी कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है।

विधानसभा सचिवालय में हुई पदोन्नति:

  • प्रथम श्रेणी के 15 अधिकारी
  • द्वितीय श्रेणी के 40 अधिकारी एवं कर्मचारी
  • तृतीय श्रेणी के 93 कर्मचारी
  • चतुर्थ श्रेणी के 34 कर्मचारी

इन सभी को पदोन्नति का लाभ दिया गया है।

करीब 10 साल बाद शुरू हुई प्रक्रिया

मध्य प्रदेश में लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति रुकी हुई थी। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2002 को हाई कोर्ट द्वारा निरस्त किए जाने के बाद लगभग एक दशक तक पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित रही।

इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए।

आंकड़ों के अनुसार:

  • करीब 10 साल बाद पदोन्नति प्रक्रिया फिर शुरू हुई है।
  • लगभग एक लाख कर्मचारी बिना प्रमोशन के रिटायर हो चुके हैं।

कर्मचारियों में खुशी का माहौल

पदोन्नति मिलने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। विधानसभा सचिवालय में पदोन्नति प्राप्त कर्मचारियों ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का आभार व्यक्त करते हुए उनका सम्मान किया।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद पदोन्नति मिलने से उनके करियर को नई दिशा मिलेगी और वर्षों से रुके हुए अवसर फिर से उपलब्ध होंगे।

हाई कोर्ट के फैसले पर भी नजर

सरकार की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के पीछे हाई कोर्ट में चल रहे मामलों को भी अहम वजह माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि नियमों और कानूनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को जल्द लाभ दिया जा सके।