July 26, 2026

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इंदौर में बदमाशों के हौसले बुलंद! पुलिस टीम पर हमला, 22 दिन में खाकी से मारपीट की तीसरी घटना से उठे सवाल

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि अब बदमाश पुलिसकर्मियों पर हमला करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। ताजा मामला अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र का है, जहां एक सेल्स गर्ल से लूट और उसे रेलवे पटरी की ओर ले जाने के आरोपितों ने पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया।

यह घटना शहर की कानून व्यवस्था और पुलिस की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पिछले 22 दिनों में पुलिसकर्मियों से मारपीट की यह तीसरी घटना सामने आई है।

सेल्स गर्ल से लूट के बाद पुलिस पर हमला

घटना सोमवार रात करीब 9 बजे प्रभुनगर रेलवे पटरी के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार राजेंद्र नगर निवासी 28 वर्षीय युवती एक कपड़ा शोरूम में सेल्स गर्ल के रूप में काम करती है।

ड्यूटी खत्म कर घर लौटते समय पीछे से आए दो बदमाशों ने उसे पकड़ लिया। युवती के विरोध करने पर आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिया। आरोप है कि बदमाश उसे सुनसान जगह की ओर खींचकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे।

आसपास लोगों की आहट मिलने पर दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए।

हमले में युवती को चोटें आईं। उसके हाथ, कंधे और मुंह पर चोट लगने की जानकारी सामने आई है।

सीसीटीवी से हुई आरोपितों की पहचान

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान वैशाली नगर झोपड़पट्टी निवासी शंकर और संजू के रूप में हुई।

इसके बाद पुलिस टीम दोनों को पकड़ने पहुंची।

टीम में शामिल थे—

  • एसआई जितेंद्र सिंह।
  • सिपाही ऋषिकेश।
  • सिपाही विश्वेश्वर।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से हाथापाई

पुलिस के अनुसार जब टीम आरोपितों को पकड़ने पहुंची तो दोनों ने पुलिसकर्मियों से ही विवाद शुरू कर दिया। आरोपितों ने एसआई के साथ धक्का-मुक्की की और एक सिपाही को काट लिया।

काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपित नशे की हालत में थे और इसी वजह से उन्होंने पुलिसकर्मियों से भी बदसलूकी की।

लूट की धारा बाद में जोड़ी गई

मामले में एक और विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में एफआईआर में मोबाइल लूट का उल्लेख होने के बावजूद लूट की धारा नहीं जोड़ी गई थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवती उस समय बयान देने की स्थिति में नहीं थी। मंगलवार को बयान दर्ज होने के बाद आरोपितों के खिलाफ लूट की धाराएं बढ़ाई गईं।

जांच में यह भी सामने आया कि बदमाशों ने युवती के पेंडल लूटने की बात भी स्वीकार की है।

22 दिन में पुलिस पर हमले की तीन घटनाएं

इंदौर में पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

पुलिस पर हमले के प्रमुख मामले:

  • 22 जून: कनाड़िया थाना क्षेत्र में सिपाही विजयपाल सिकरवार और आशीष शर्मा पर हमला हुआ था। दोनों घायल हुए थे।
  • एरोड्रम थाना क्षेत्र: अपराध शाखा की टीम के साथ आरोपितों ने मारपीट की और पुलिस पर हमला किया।
  • 14 जुलाई: अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में लूट के आरोपितों ने पकड़ने पहुंची पुलिस टीम से हाथापाई की।

थाना प्रभारी ने बताया कारण

अन्नपूर्णा थाना प्रभारी हितगोपाल यादव ने बताया कि युवती शुरुआत में बयान देने की स्थिति में नहीं थी, इसलिए लूट की धारा बाद में जोड़ी गई।

उन्होंने कहा कि आरोपित नशे के प्रभाव में थे और इसी वजह से उन्होंने पुलिसकर्मियों से भी विवाद किया। नशे की हालत में वे किसी बड़ी वारदात को भी अंजाम दे सकते थे।

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

लगातार हो रही इन घटनाओं ने इंदौर में अपराधियों के बढ़ते हौसले को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस पर ही हमला होना गंभीर विषय माना जा रहा है।

हालांकि पुलिस ने सभी मामलों में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन लगातार हो रही ऐसी घटनाएं शहर में अपराध नियंत्रण और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चुनौती पेश कर रही हैं।