July 31, 2026

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छत्तीसगढ़ में बारिश का बड़ा असर! प्रमुख बांधों में 56.63% तक पहुंचा जल भंडारण, किसानों के लिए राहत की खबर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का सकारात्मक असर अब सिंचाई जलाशयों में भी दिखाई देने लगा है। जल संसाधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के प्रमुख बांधों में लाइव स्टोरेज 56.63 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि 34 मध्यम जलाशयों में 42.13 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर प्रदेश के प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में 54.34 प्रतिशत पानी संग्रहित है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में काफी बेहतर स्थिति को दर्शाता है।

लगातार बढ़ रहे जलस्तर से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे खरीफ फसलों को लाभ मिलने की संभावना है।

प्रमुख बांधों में तेजी से बढ़ा जलस्तर

जल संसाधन विभाग के अनुसार राज्य के कई बड़े जलाशयों में जलभराव संतोषजनक स्तर पर पहुंच चुका है। प्रमुख जलाशयों की स्थिति इस प्रकार है—

  • मनियारी जलाशय76.97%
  • दुधावा बांध72.74%
  • खारंग जलाशय67.10%
  • सोंढूर जलाशय65.89%
  • मिनीमाता बांगो जलाशय59.42%
  • रविशंकर सागर (गंगरेल)47.66%
  • तांदुला जलाशय43.93%
  • सिकासार जलाशय41.10%

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अधिकांश प्रमुख जलाशयों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

मध्यम जलाशयों में भी बेहतर जलभराव

प्रदेश के कई मध्यम जलाशयों में भी अच्छी मात्रा में पानी जमा हुआ है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • छिरपानी जलाशय78.13%
  • सूखा नाला बैराज77.92%
  • सुतियापाठ जलाशय73.28%
  • पिपरिया नाला70.19%

हालांकि कुछ जलाशयों में जलभराव अभी अपेक्षाकृत कम है, जिनमें—

  • परलकोट
  • कुम्हारी
  • केशवा
  • मयाना

प्रमुख हैं।

पिछले साल से कहीं बेहतर स्थिति

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में राज्य के प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में 3,456.14 मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित है।

वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा केवल 2,084.08 मिलियन घन मीटर था। यानी इस बार जल भंडारण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

किसानों के लिए राहत की खबर

जलाशयों में बढ़ते जलस्तर से किसानों को कई तरह के लाभ मिलने की संभावना है—

  • खरीफ फसलों के लिए सिंचाई की बेहतर व्यवस्था।
  • भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद।
  • जल संकट वाले क्षेत्रों को राहत।
  • आने वाले महीनों में पेयजल उपलब्धता मजबूत होने की संभावना।

आगे और बढ़ सकता है जलस्तर

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है। यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो प्रमुख और मध्यम जलाशयों का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। इससे कृषि, पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।