भोपाल। राजधानी भोपाल में बुधवार को एक जूनियर डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर आकांक्षा माहेश्वरी उम्र 24 साल जीएमसी के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में पीजी कर रही थी। पुलिस को मौके से खाली इंजेक्शन और सुसाइड नोट मिला है। जिसमें आकांक्षा ने लिखा है कि ‘मैं इतनी मजबूत नहीं हूं, इतना स्ट्रेस झेल नहीं पा रही हूं। मम्मी-पापा सॉरी।
वहीं गुरुवार को हमीदिया अस्पताल पहुंचकर परिजनों हंगामा कर दिया। परिजनों का कहना है कि सीनियर्स 30 से 35 घंटे तक काम करवाते थे। जिससे उनकी बेटी परेशान थी। साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन भी सहयोग नहीं कर रहा है। जूनियर छात्रों को बात करने से मना किया जा रहा है। वहीं आकांक्षा की मित्र परिजनों से बात करते हुए बेहोश हो गई।
आकांक्षा के परिजनों ने प्रेशर बनाने वाले सीनियर्स पर FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने थाने में भी शिकायती आवेदन दिया है। उनका कहना है कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो, तभी उनकी बेटी को इंसाफ मिलेगा। पीजी स्टूडेंट आकांक्षा माहेश्वरी ने ग्वालियर की रहने वाली थी। वह ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद इस साल वो जीएमसी से पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में पीजी कर रही थी। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने अपने डिपार्टमेंट में फोन कर बताया कि तबीयत खराब है, ड्यूटी पर नहीं आऊंगी। शाम को जब साथ में रहने वाली छात्राएं हॉस्टल पहुंचीं, तो दरवाजा बंद था। उन्होंने गार्ड को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जीएमसी मैनेजमेंट और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर आकांक्षा बेसुध हालत में मिली। डॉक्टरों ने चेक कर उसे मृत घोषित कर दिया।

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