July 30, 2026

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बच्चों के बीच जमीन पर बैठे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, खुद सिखाया पहाड़ा और किया स्मार्ट क्लास का शुभारंभ

शाला प्रवेशोत्सव

नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ में शाला प्रवेशोत्सव उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के बोरसी स्थित विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों का स्वागत किया और शिक्षा के प्रति प्रेरित करने वाला संदेश दिया।

शिक्षा मंत्री ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, आदर्श कन्या शाला और जेआरडी विद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया। बच्चों को गणवेश और जूते वितरित कर उनके नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत को यादगार बनाया गया।

बच्चों के साथ बैठकर सिखाया पहाड़ा

कार्यक्रम का सबसे खास पल तब देखने को मिला जब शिक्षा मंत्री सीधे कक्षा में पहुंचे और बच्चों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े सुने और फिर खुद भी सरल और रोचक तरीके से पहाड़ा सिखाया।

बच्चों के साथ उनका यह आत्मीय संवाद न केवल विद्यार्थियों बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी प्रेरणादायक रहा। शिक्षा मंत्री ने बच्चों से पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंददायक अनुभव बनाने की अपील की।

स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

विद्यालय में स्थापित आधुनिक स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से सुसज्जित कक्षाएं बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगी।

स्मार्ट क्लास से विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभ:

  • पढ़ाई अधिक रोचक और इंटरैक्टिव बनेगी।
  • ऑडियो-वीडियो माध्यम से बेहतर समझ विकसित होगी।
  • आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।

अभिभावकों से की विशेष अपील

शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों से भी संवाद किया और बच्चों की नियमित पढ़ाई तथा विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि बच्चे की पहली पाठशाला उसका परिवार होता है और अभिभावकों का सहयोग ही उसके उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव बनता है।

बच्चों के सपनों और लक्ष्यों पर हुई चर्चा

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से उनके सपनों, करियर और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों को अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

साथ ही छात्राओं और शिक्षकों से संवाद करते हुए उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार, व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर दिया।

शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

शिक्षा मंत्री ने कहा कि केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना ही सफलता नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्राओं से पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने और अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

शाला प्रवेशोत्सव का यह आयोजन बच्चों के लिए केवल विद्यालय में प्रवेश का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, प्रेरणा और नए सपनों की शुरुआत का उत्सव बन गया।