June 10, 2026

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बिलासपुर में बड़ा हादसा: 11 केवी लाइन पर काम करते ठेकाकर्मी झुलसा, वीडियो ने मचाया हड़कंप

बिलासपुर, बिलासपुर से एक चौंकाने वाली और डरावनी घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को सन्न कर दिया है बल्कि विद्युत विभाग की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहभट्टा मेला परिसर में एक ठेकाकर्मी को चालू 11 केवी लाइन पर काम करने के दौरान करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया।
हादसा कैसे हुआ?

जानकारी के अनुसार, यह घटना बिल्हा थाना क्षेत्र में हुई। ठेकाकर्मी को बिना किसी सेफ्टी किट के खंभे पर चढ़कर काम करने के लिए भेजा गया। यह लाइन चालू थी और युवक को सुरक्षा के मानक उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।

जैसे ही वह लाइन के करीब पहुँचा, 11 केवी करंट ने उसे झुलसा दिया।
घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।
युवक लगभग 20 प्रतिशत तक झुलस गया और गंभीर हालत में था।
लोगों ने सीढ़ी की मदद से खंभे पर चढ़कर उसे नीचे उतारा।

हादसे का दिल दहला देने वाला वीडियो

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे युवक करंट की चपेट में आते ही दर्द से चीख रहा है और खंभे पर लटका हुआ है। वीडियो ने स्थानीय लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए।
युवक का इलाज जारी

ठेकाकर्मी को तुरंत सिम्स (सैयद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन गंभीर झुलसने के कारण डॉक्टरों ने उसे ICU में रखा है।
विद्युत विभाग की लापरवाही पर सवाल

स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह से विभागीय लापरवाही का नतीजा है।

चालू लाइन पर बिना सेफ्टी किट के काम करना नियमों का उल्लंघन है।
यदि आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
ऐसे मामलों में ठेकाकर्मियों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

मुख्य बातें एक नजर में

बिलासपुर के मोहभट्टा मेला परिसर में 11 केवी लाइन हादसा।
ठेकाकर्मी बिना सेफ्टी किट के काम कर रहा था।
लगभग 20% झुलसने के बाद अस्पताल में भर्ती।
घटना का वीडियो वायरल, लोगों में रोष और चिंता।
विद्युत विभाग की सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी।

यह घटना सभी विभागों के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा नियमों का पालन न केवल कर्मचारियों की जान बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि हादसों से होने वाले बड़े आर्थिक और सामाजिक नुकसान को भी रोकने का साधन है।