सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। एक साल का मासूम बच्चा खेलते-खेलते मोबाइल की पुरानी बैटरी के विस्फोट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर गांव की बताई जा रही है, जहां एक साधारण खेल अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुर गांव निवासी महेंद्र सिंह नेताम का एक वर्षीय पुत्र आदित्य सिंह अपने भाई-बहनों और अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था।
बताया जा रहा है कि खेल के दौरान बच्चों को कहीं से एक पुरानी और खराब मोबाइल बैटरी मिल गई। बच्चे उसे खिलौने की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे अचानक बैटरी में जोरदार धमाका हो गया।
ब्लास्ट इतना तेज था कि उसकी चपेट में आया आदित्य गंभीर रूप से झुलस गया।
शरीर के कई हिस्से झुलसे
हादसे में बच्चे का:
- चेहरा
- सीना
- पेट
- दोनों हाथ
गंभीर रूप से प्रभावित हुए। घटना के बाद परिजन घबराकर तुरंत बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे।
इलाज के लिए कई अस्पतालों में कराया गया भर्ती
परिजन पहले आदित्य को प्रेमनगर अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जब वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर जलन और चोटों के कारण 1 जून की सुबह करीब 4 बजे मासूम ने दम तोड़ दिया।
गांव में पसरा मातम
एक साल के मासूम की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन अभी भी इस हादसे पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के हाथों में इलेक्ट्रॉनिक कचरा या खराब बैटरियां पहुंचना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चों के पास वह खराब बैटरी कहां से पहुंची।
मोबाइल बैटरी क्यों होती है खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार पुरानी या क्षतिग्रस्त लिथियम-आयन बैटरियां अत्यंत खतरनाक हो सकती हैं।
इनसे जुड़े खतरे:
- अचानक विस्फोट
- आग लगने की संभावना
- जहरीली गैसों का रिसाव
- गंभीर जलन और चोटें
इसलिए ऐसी बैटरियों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
मुख्य बातें एक नजर में
- सरगुजा जिले के ब्रह्मपुर गांव में दर्दनाक हादसा
- मोबाइल की पुरानी बैटरी में हुआ जोरदार ब्लास्ट
- 1 साल का मासूम आदित्य सिंह गंभीर रूप से झुलसा
- इलाज के दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में मौत
- प्रेमनगर थाना पुलिस जांच में जुटी
- विशेषज्ञों ने पुरानी बैटरियों को बच्चों से दूर रखने की सलाह दी
यह घटना एक बड़ी चेतावनी भी है कि घरों में रखी खराब इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं और पुरानी बैटरियां बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। थोड़ी सी सावधानी भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोक सकती है।

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