June 2, 2026

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अब नहीं बचेगी टैक्स चोरी! MP सरकार का बड़ा एक्शन, फर्जी बिलिंग और अवैध कारोबार पर रहेगी डिजिटल नजर

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कर चोरी और फर्जी बिलिंग पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने वाणिज्यिक कर विभाग के नए “इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल” का शुभारंभ किया। सरकार का दावा है कि यह डिजिटल सिस्टम कर अपवंचन, फर्जी बिलिंग और बिना बिल के व्यापार जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद करेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि कर चोरी पर रोक लगने से राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह नया मॉड्यूल विकसित किया गया है, जिसमें नागरिक भी सीधे अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।

क्या है इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल?

इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आम नागरिक कर संबंधी अनियमितताओं की सूचना सीधे वाणिज्यिक कर विभाग तक पहुंचा सकेंगे। यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और सरल बनाई गई है।

इस मॉड्यूल के जरिए नागरिक निम्न प्रकार की जानकारी साझा कर सकेंगे—

  • कर चोरी से जुड़ी गतिविधियां
  • फर्जी बिलिंग के मामले
  • बिना बिल के व्यापार
  • अवैध गोदाम संचालन
  • संदिग्ध कारोबारी गतिविधियां
  • कर नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले

सरकार को कैसे होगा फायदा?

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस पहल से वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को मॉड्यूल के प्रभावी संचालन और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए।

सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से कर प्रशासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। इससे ईमानदार व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा और निष्पक्ष कारोबारी माहौल तैयार होगा।

शिकायतों पर होगी कार्रवाई

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा प्राप्त प्रत्येक सूचना का विश्लेषण और सत्यापन किया जाएगा। जांच के बाद यदि सूचना सही पाई जाती है तो संबंधित नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

खास बात यह है कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाई और शिकायतों की स्थिति नागरिक पोर्टल के डैशबोर्ड पर भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और लोगों का भरोसा मजबूत होगा।

नागरिकों से की गई अपील

आयुक्त वाणिज्यिक कर अनय द्विवेदी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे राज्यहित में इस मॉड्यूल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा और राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ राज्य के विकास को भी गति मिलेगी।

मुख्य बातें

  • मध्य प्रदेश में “इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल” लॉन्च।
  • फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी पर लगेगी रोक।
  • नागरिक सीधे विभाग को दे सकेंगे सूचना।
  • शिकायतों की होगी जांच और कार्रवाई।
  • पोर्टल डैशबोर्ड पर दिखेगी कार्रवाई की स्थिति।
  • राजस्व बढ़ाने और पारदर्शिता लाने की बड़ी पहल।

मध्य प्रदेश सरकार का यह नया कदम कर प्रशासन को डिजिटल और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि नागरिक सक्रिय रूप से इसमें भाग लेते हैं तो टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग जैसी समस्याओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।