रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जमानत पर रिहाई, EOW ने पेश किया आठवां पूरक चालान
छत्तीसगढ़ में हो रहे शराब घोटाला मामले में बुधवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में 1500 पन्नों का आठवां पूरक चालान पेश किया। इसके साथ ही, मामले में जेल में बंद दो प्रमुख आरोपियों, सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को जमानत मिलने के बाद रिहाई मिल गई।
जमानत मिलने के बाद रिहाई की प्रक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया को एक महीने पूर्व उच्च न्यायालय से सशर्त जमानत मिली थी। न्यायालय ने आदेश दिया था कि चालान पेश होने के दिन उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसी के तहत, पूरक चालान दाखिल होने के बाद चौरसिया और श्रीवास्तव की रिहाई का आदेश दिया गया।
पूरक चालान और अवैध धन प्रबंधन का खुलासा
EOW द्वारा प्रस्तुत किए गए पूरक चालान में घोटाले से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और आरोपियों की भूमिकाओं का विस्तृत विवरण दिया गया। अब तक 51 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किए जा चुके हैं। जांच में देवेंद्र डडसेना का नाम सामने आया है, जिनकी भूमिका अवैध धन प्रबंधन और लेन-देन में प्रमुख थी। डडसेना ने कथित सिंडिकेट के लिए अवैध रूप से धन का संग्रहण, सुरक्षित रखना और प्रेषित करना सुनिश्चित किया।
सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव के आरोप
- सौम्या चौरसिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने शासकीय पद का दुरुपयोग करते हुए कथित सिंडिकेट को संरक्षण, समन्वय और प्रशासनिक सहायता प्रदान की, जिससे राज्य को राजस्व की हानि हुई।
- केके श्रीवास्तव (कृष्ण कुमार) पर आरोप है कि उन्होंने अवैध उगाही तंत्र के तहत नकदी के संग्रहण, परिवहन, प्रबंधन और निवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। EOW का दावा है कि श्रीवास्तव और चौरसिया ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया।
श्रीवास्तव का बयान
जेल से रिहा होने के बाद, केके श्रीवास्तव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने कहा कि चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं, लेकिन वे किसी दल से जुड़े नहीं हैं। धार्मिक आचरण पर उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ करना गलत नहीं है और उन्हें किसी कार्रवाई की चिंता नहीं है।
जांच की दिशा और भविष्य
EOW ने स्पष्ट किया कि मामले में अन्य शासकीय, अशासकीय और राजनीतिक व्यक्तियों, साथ ही संबंधित संस्थाओं और कंपनियों की जांच जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर, आगे भी पूरक चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। यह बताता है कि जांच की प्रक्रिया अब भी चल रही है और इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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