रायपुर. शहर के मोवा स्थित साहस नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीज के साथ बर्बरता का गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है. परिजनों का आरोप है कि नशा मुक्ति के नाम पर संस्था में युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मानसिक स्थिति तक बिगड़ गई. इतना ही नहीं, जब परिवार वाले उससे मिलने पहुंचे तो उन्हें गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार करते हुए मिलने से भी रोक दिया गया. इस मामले में रायपुर के पंडरी थाने में शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. युवक के साथ मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है.
जानकारी के मुताबिक, ओडिशा के एक आदिवासी परिवार ने अपने बेटे अंकुर मांझी को नशे की लत छुड़वाने के लिए पिछले साल सितंबर में इस केंद्र में भर्ती कराया था. अक्टूबर में जब परिजन उससे मिलने पहुंचे, तो संस्था के लोगों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया और यह कहकर रोक दिया कि तुम आदिवासी लोग कुछ नहीं समझते. इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच भी की गई. नवंबर में परिजन अंकुर को वापस नबरंगपुर जिले के कुसुमपुर गंगापारा गांव ले गए. वहां नहाते समय उसकी पीठ और गले पर गहरे चोट के निशान दिखाई दिए. पूछने पर अंकुर ने बताया कि केंद्र में रहने के दौरान संचालिका के बेटे अनिकेत शर्मा ने उसके साथ मारपीट की थी.
परिजनों ने शिकायत में बताया कि कुछ समय बाद अंकुर को इलाज के लिए विशाखापट्टनम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि मारपीट से लगी चोटों के कारण उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई है. अस्पताल में 11 दिनों तक उसका इलाज चला. फिलहाल उसे रूटीन चेकअप के लिए अब भी विशाखापट्टनम ले जाया जाता है. मारपीट के सबूत मिलने के बाद परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी अनिकेत शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

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