नई दिल्ली – भारत में लॉकडाउन फिर से चर्चा में है, और लोग एक बार फिर से यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या देश में कोरोना के बाद एक बार फिर से लॉकडाउन लगेगा? यह चर्चा तब शुरू हुई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिए अपने भाषण में कोविड-19 के दौरान ग्लोबल सप्लाई चेन के टूटने और ईरान-अमेरिका युद्ध के संदर्भ में हालात की तुलना की। प्रधानमंत्री के इस भाषण ने लोगों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या युद्ध के बीच भारत में लॉकडाउन फिर से लागू किया जाएगा।
पीएम मोदी का भाषण
पीएम मोदी ने संसद में पश्चिम एशिया के संकट पर बोलते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान कैसे ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हो गई थी, और अब ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से भी ऐसी ही बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा, “हम कोरोना के समय में भी चुनौतियों का सामना एकजुट होकर कर चुके हैं। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहना होगा। धैर्य, संयम और शांति के साथ हमें हर चुनौती का सामना करना होगा।”
इसके बाद, सोशल मीडिया पर लॉकडाउन शब्द ट्रेंड करने लगा। लोगों ने यह मान लिया कि पीएम मोदी के भाषण में लॉकडाउन का संकेत छिपा हुआ था, और वे इसे सर्च करने लगे।
लॉकडाउन शब्द क्यों ट्रेंड कर रहा है?
24 मार्च 2020 को जब कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण भारत में औपचारिक रूप से लॉकडाउन की घोषणा की गई थी, तो पूरा देश चौंक गया था। पीएम मोदी ने चेतावनी दी थी कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भारत दशकों पीछे चला जाएगा। अब कोरोना महामारी के छह साल पूरे हो गए हैं और लोग फिर से लॉकडाउन को लेकर सर्च कर रहे हैं। एक कारण यह भी है कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में कोरोना का उल्लेख किया था और मौजूदा संकट से निपटने के लिए तैयार रहने की बात की थी। इस पर लोगों ने सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की चर्चा शुरू कर दी, जिससे यह शब्द एक बार फिर से ट्रेंड करने लगा।
क्या युद्ध के दौरान भारत में लॉकडाउन लगेगा?
अगर हम सवाल करें कि क्या अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से भारत में लॉकडाउन लगेगा, तो इसका सीधा और स्पष्ट उत्तर है – नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या सरकार की ओर से लॉकडाउन लगाने का कोई भी संकेत नहीं दिया गया है। कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन का उद्देश्य केवल संक्रमण के प्रसार को रोकना था, लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध के संदर्भ में वर्तमान में ऐसी स्थिति नहीं बन रही कि लॉकडाउन लगाया जाए।
हालांकि, सरकार कुछ ऐसे कदम जरूर उठा रही है जिनका उद्देश्य आर्थिक संकट और संसाधनों की कमी को दूर करना है। उदाहरण के तौर पर, तेल संकट और एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी को रोकने के लिए कई फैसले किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है और गैस सिलेंडर के दामों में हो रही बढ़ोतरी पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद क्या है स्थिति?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान-अमेरिका संघर्ष को लेकर संकेत दिए हैं कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। इसके चलते हमले कुछ समय के लिए रोके गए हैं, और ऐसा नहीं लग रहा कि इस संघर्ष के चलते भारत में लॉकडाउन की कोई स्थिति बन सकेगी।

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