May 5, 2026

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महादेव ऐप पर ED का बड़ा ऐक्शन: सौरभ चंद्राकर की 1,700 करोड़ की संपत्ति कुर्क, दुबई में भी संपत्तियां जब्त

नई दिल्ली / रायपुर – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 1,700 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। इस कार्रवाई के तहत दिल्ली और यूएई में स्थित उनके आलीशान विला और अपार्टमेंट भी जब्त किए गए हैं। यह संपत्तियां महादेव ऐप के जरिए सट्टेबाजी में कथित धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुर्क की गई हैं।

कुर्क की गई संपत्तियां

ईडी ने 18 संपत्तियों को जब्त किया, जिनमें दुबई हिल्स एस्टेट में लक्जरी विला, बिजनेस बे और SLS होटल एंड रेजिडेंस के आलीशान अपार्टमेंट्स और बुर्ज खलीफा में स्थित एक प्रॉपर्टी शामिल हैं। इन संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 1,700 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, रायपुर स्थित ईडी के कार्यालय ने भी महादेव ऐप के प्रमोटरों से जुड़े अन्य संपत्तियों को PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) के तहत कुर्क किया है।

धोखाधड़ी और सट्टेबाजी का आरोप

महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल पर आरोप है कि उन्होंने ऐप के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी की। महादेव ऐप के जरिए गैर-कानूनी सट्टा और बेटिंग की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इन आरोपियों ने कस्टमर्स को आकर्षित करने के लिए सट्टेबाजी की वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स का प्रचार किया था। इसके बाद, हजारों लोगों ने ऐप के जरिए सट्टेबाजी में निवेश किया, जिसके चलते ये लोग भारी मुनाफा कमाते रहे।

प्रत्यर्पण की कोशिश

भारत सरकार इस मामले में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। चंद्राकर के बारे में खबरें हैं कि वह अब यूएई में स्थित है, जबकि उप्पल को वानुअतु में देखा गया था। भारत सरकार इस पर काम कर रही है ताकि दोनों आरोपियों को भारत लाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

जनवरी में भी हुआ था ऐक्शन

ईडी ने जनवरी 2023 में भी इस मामले में कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी रवि उप्पल और अन्य लोगों की 21.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। इन संपत्तियों में छत्तीसगढ़ के भिलाई और दुबई में स्थित संपत्तियां शामिल थीं। इस दौरान, दुबई में उप्पल की 6.75 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई थी।

छत्तीसगढ़ के नेताओं और अधिकारियों की संलिप्तता का संदेह

इस मामले में छत्तीसगढ़ के कुछ नेताओं और अधिकारियों के शामिल होने का भी संदेह है। हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन ईडी मामले की गहरी जांच कर रही है, ताकि पता चल सके कि राज्य में कौन से लोग इस सट्टेबाजी के नेटवर्क का हिस्सा थे।