हर साल होली के दौरान चंद्र ग्रहण का साया मंडरा रहा है। फाल्गुन माह के अंतिम दिन इस बार आस्था और खगोलीय संयोग का विशेष मेल देखने को मिलेगा। आज की दोपहर चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। जबकि इसके अगले दिन बुधवार को रंगों का पर्व होली मनाया जाएगा। भारत में भी चंद्र ग्रहण का प्रभाव व नजारा देखा जा सकेगा। भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में भी यह दिखाई देगा। गौर फरमाने वाली बात यह रहेगी कि सिर्फ कुछ ही मिनट तक आसमान में ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा। चंद्रोदय के साथ ही ग्रहण का असर दिखाई देने लगेगा। ग्रहण लगने के दौरान, लाल रंग का चांद देख सकते हैं। इसलिए इस चंद्र ग्रहण को ‘ब्लड मून’ के नाम से जाना जाएगा। आचार्य दैवज्ञ अखिलेश्वरजी के अनुसार, आज दोपहर 3:20 से शाम 6:47 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि तीन घंटा 27 मिनट की रहेगी। ग्रहण भारत में दृश्य होने के कारण इसका सूतक भी मान्य रहेगा।
विशेष संयोग में चंद्र ग्रहण
इस बार 3 मार्च को चंद्रग्रहण का विशेष संयोग बन रहा है। इसे खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगभग 122 साल पहले वर्ष 1904 में होली के दिन ऐसा ही चंद्रग्रहण देखा गया था।
चंद्र ग्रहण 3 घंटे 27 मिनट तक, नई दिल्ली में सिर्फ इतने मिनट तक ही दिखेगा ग्रहण का अद्भुत नजारा
पंचांग अनुसार, आज का 3 घंटे 27 मिनट का चंद्र ग्रहण नई दिल्ली में लगभग 20 मिनट्स 28 सेकण्ड्स तक देखा जा सकेगा। शाम में 06:26 पी एम से लेकर 06:46 पी एम तक चंद्र ग्रहण का नजारा देख सकते हैं।
क्यों लाल रंग का दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
पृथ्वी की छाया जब चंद्रमा पर पड़ती है, तब सूर्य की किरणें वायुमंडल से होकर अपवर्तित होती हैं और चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है। इसी कारण इसे कई बार ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।
कहां-कहां चंद्र ग्रहण देख सकते हैं?
आज का चंद्र ग्रहण दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया, प्रशान्त महासागर, उत्तर अमेरिका के ज्यादातर भागों तथा दक्षिण अमेरिका के कुछ उत्तरी क्षेत्रों से दिखायी देगा। इन क्षेत्रों में चंद्रमा पृथ्वी की प्रच्छाया में पूर्ण रूप से स्थित दिखायी देगा।
चंद्र ग्रहण कहां से नहीं दिखेगा?
यह चंद्र ग्रहण मध्य अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों तथा समीपवर्ती भागों से दिखायी नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के समय वहां चंद्रमा क्षितिज के नीचे स्थित रहेगा।
भारत में कैसा दिखेगा चंद्र ग्रहण?
भारत में आज का चंद्र ग्रहण अलग-अलग क्षेत्र के अनुसार भिन्न होगा। भारत के पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी के कुछ भागों से पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखायी देगा। भारत के ज्यादातर भागों से आंशिक चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा। जबकि भारत के पश्चिमी भाग में प्रच्छाया चंद्र ग्रहण दिखायी देगा, जहां चंद्रमा का उदय पूर्ण ग्रहण की समाप्ति के बाद होगा।
कैसे लगता है चंद्र ग्रहण?
खगोल विज्ञान के अनुसार, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। यह घटना हमेशा पूर्णिमा के दिन ही होती है। वहीं ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाएं और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। जबकि सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है।

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