May 6, 2026

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मेढ़की गांव का अनोखा फरमान: चुगली पर 5 हजार जुर्माना, शराब पर पहले से सख्ती

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मेढ़की गांव में अब चुगली करने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्राम समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है। तय किया गया कि सार्वजनिक या व्यक्तिगत रूप से किसी के खिलाफ चुगली करने पर दंडित किया जाएगा। इसके अलावा, पहले से ही शराब बेचने और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। जिला मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित मेढ़की गांव में कुछ सप्ताह पहले चुगली के कारण दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। चौक-चौराहों पर बैठकर की गई आपसी टिप्पणियों और एक-दूसरे के खिलाफ की गई बातों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक बुलाई।

बैठक में चर्चा के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि गांव में फैल रही चुगली आपसी मनमुटाव और विवाद की मुख्य वजह है। ग्रामसभा ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्णय लिया कि गांव के किसी भी चौक-चौराहे, सार्वजनिक स्थल या धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में किसी भी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी पर पूर्ण रोक रहेगी। मेढ़की ग्राम समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव बनाया कि कोई भी व्यक्ति किसी के खिलाफ चुगली करता पाया जाता है, तो उस पर 5,000 रुपए का दंड लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला गांव में शांति, सौहार्द और आपसी सामंजस्य बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। सरपंच मंजूलता परस साहू, ग्राम पटेल होरी लाल गजपाल, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, समाजसेवी धनराज साहू और चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि गांव का माहौल खराब न हो, आपसी भाईचारा बना रहे और ग्रामीण सुरक्षित रहें। इसी उद्देश्य से यह नियम बनाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग एक-दूसरे की चुगली कर विवाद की स्थिति पैदा कर रहे थे। इससे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा था।

इसे ध्यान में रखते हुए ग्राम समिति ने अपने स्तर पर नियम बनाकर अनिवार्य रूप से लागू किया है। इस गांव में शराब को लेकर पहले से ही सख्ती है। शराब बेचने और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे व्यक्ति की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया है। जुर्माने की राशि जनहित के विकास कार्यों में खर्च की जाती है। ग्रामीण हर महीने बैठक कर नियमों की समीक्षा करते हैं। लेकिन इस बार की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि धार्मिक और

सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पीकर शामिल होने वालों पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इस पहल पर अपर कलेक्टर अजय किशोर ने कहा कि ग्रामीण अपने स्तर पर गांव की बेहतरी और माहौल शांत करने के उद्देश्य से ऐसा निर्णय लिए होंगे। यह गांव समिति का अपना कानून है और प्रशासन इस पर कोई कमेंट नहीं कर सकता। गांव की यह पहल सामाजिक सामंजस्य, शांति और अनुशासन बनाए रखने में एक उदाहरण मानी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे नियमों के पालन से गांव का वातावरण सुरक्षित और सम्मानजनक बना रहेगा, जिससे युवा और बुजुर्ग दोनों ही आपसी सौहार्द और विकास के कार्यों में सक्रिय रहेंगे।