नईदिल्ली। केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ देशभर के मजदूरों ने देशभर में आम हड़ताल शुरू कर दी है। दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र संघों के संयुक्त मंच ने 9 जनवरी को आयोजित श्रमिक राष्ट्रीय सम्मेलन में इस हड़ताल का आह्वान किया था।
इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा भी पूर्ण समर्थन दे रहा है। किसान संगठन भी ट्रेड यूनियनों की मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन और जन आंदोलनों में शामिल हैं।
देश के पब्लिक सेक्टर की सभी फैक्ट्रियों जिसमें SAIL, एनटीपीसी, BHEL, कोल इंडिया की सभी फैक्ट्रियों और खदानों में मजदूरों ने काम बंद कर दिया है।
उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, ओडिशा और बिहार सहित कई राज्यों से हड़ताल की खबरें मिली हैं।
ट्रेड यूनियंस के अनुसार सरकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों, औद्योगिक क्षेत्रों सहित लगभग सभी क्षेत्रों में हड़ताल हो रही है। औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्र, ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर जन आंदोलन भी हो रहे हैं।

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