भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का दूसरा चरण समाप्त हो चुका है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी का आरोप है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन अधिकारियों से मिलीभगत करके सूची से नाम कटवाने के लिए फार्म सात गलत तरीके से दिए हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित करके उनके विरुद्ध थानों में एफआईआर के लिए शिकायती पत्र दिए जाएंगे।
पार्टी ने सभी जिला अध्यक्षों को इसका प्रपत्र तैयार करके भेजकर निर्देश दिए हैं कि एफआईआर वही व्यक्ति कराए, जिसके नाम से आपत्ति की गई है और इसका रिकार्ड प्रदेश कांग्रेस को भेजा जाए। प्रदेश में एसआईआर के अंतर्गत 42 लाख से अधिक मृत, अनुपस्थित और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम काटे गए।
इसमें सर्वाधिक 22 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित श्रेणी के मतदाता रहे। कांग्रेस का आरोप है कि इनके नाम सूची में जुड़वाने के लिए बीएलओ पर दबाव बनाकर फार्म भरवाए गए हैं। वहीं, सूची में दर्ज नामों को हटवाने के लिए एक-एक व्यक्ति द्वारा दो-दो सौ फार्म सात दिए गए हैं।
रायसेन सहित अन्य जिलों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें आवेदक ने आपत्ति करने से इन्कार किया है। इससे साफ है कि फर्जीवाड़ा हो रहा है। इसे लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा शिकायत की गई हैं।
अब यह तय किया गया है कि जिनके नाम पर ऐसा हुआ है उनके विरुद्ध एफआईआर कराने के लिए कांग्रेस शिकायती पत्र देगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इसके लिए प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कामले की ओर से सभी जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर कहा गया है कि जिन्होंने आपत्तियां दर्ज कराई हैं, उनके विरुद्ध एफआईआर कराई जाए।
यह काम उसी व्यक्ति से कराया जाए, जिसका नाम काटने के लिए आवेदन दिया गया है। इसकी रिपोर्ट भी जिलेवार बनाकर देने के निर्देश दिए गए हैं।

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