रायपुर। शहर में वायरल फीवर का बदला हुआ स्वरूप अब गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में रोजाना वायरल फीवर जैसे लक्षणों के साथ एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
गले में दर्द, तेज बुखार, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी के मामले तेजी से बढ़े हैं। खास बात यह है कि यह वायरल एक बार ठीक होने के बाद दो-तीन दिन में दोबारा लौट रहा है, जिससे मरीज लंबे समय तक कमजोर बने रह रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, मौजूदा वायरल का पैटर्न पहले से अलग है। शुरुआत अक्सर गले में दर्द और हल्के बुखार से होती है। शुरुआती 24 से 48 घंटे में मरीज इसे सामान्य समझकर काम पर चला जाता है या घरेलू दवाओं से काम चलाता है। इसके बाद कुछ दिन बुखार उतर जाता है, लेकिन तीसरे या चौथे दिन अचानक तेज बुखार, शरीर टूटना, जोड़ों में दर्द और कमजोरी के साथ बीमारी दोबारा उभर रही है। आंबेडकर, जिला अस्पताल, एम्स रायपुर, हमर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डाक्टरों का कहना है कि कामकाजी लोग पूरा आराम नहीं कर रहे, जिससे शरीर को रिकवर होने का समय नहीं मिल पा रहा। यही वजह है कि वायरल बार-बार लौट रहा है और मरीजों को ज्यादा परेशान कर रहा है।

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