रायगढ़। लैलूंगा में साधारण पत्थर खदान के एक पट्टेदार ने दूसरी जगह पर सरकारी जमीन पर खुदाई कर पत्थर निकालकर बेच दिए। ग्रामीणों ने शिकायत की तो खनिज विभाग हरकत में आया। मौका जांच के बाद करीब 757 घन मीटर पत्थर निकाले जाने की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसके बाद करीब नौ लाख रुपए का अर्थदंड वसूला गया है। अवैध खनन केवल कोयला, चूना पत्थर या डोलोमाइट का ही नहीं होता है। बल्कि साधारण पत्थर खदानों के पट्टेदार भी मनमानी करते हुए अवैध खनन कर रहे हैं। लैलूंगा तहसील में ऐसा ही अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम जामबहार में विंकल मित्तल पिता अशोक मित्तल को साधारण पत्थर खनन की लीज आवंटित की गई है। आवंटित खनिपट्टे की भूमि के अलावा कुछ जगहों पर अवैध खनन करने की शिकायत कलेक्टर से की गई थी।
ग्रामवासियों की शिकायत पर कलेक्टर ने खनिज विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए थे। ग्रामवासियों की मौजूदगी में मौका जांच किया गया। मौके पर छोटी पहाड़ी को काटकर पत्थर निकाले गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि पत्थर का अवैध उत्खनन विंकल मित्तल निवासी लैलूंगा ने किया है। नोटिस मिलने पर विंकल मित्तल ने भी अवैध उत्खनन करना स्वीकार किया। खनिज विभाग ने प्रकरण दर्ज कर छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71/खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत 757 घन मीटर पत्थर निकालने की रिपोर्ट तैयार की। धारा 21 (5) एवं 23 क के तहत 8,93,640 रुपए की शास्ति अधिरोपित की गई जिसे खननकर्ता ने जमा किया।
शासकीय भूमि पर मिला है पट्टा
विंकल मित्तल को जामबहार में ही खसरा नंबर 534 के 1.850 हे. पर साधारण पत्थर का खनिपट्टा स्वीकृत किया गया है, लेकिन अवैध पट्टे से अलग दूसरी जगह पर किया गया। राजस्व अभिलेखों में खसरा नंबर 534 रकबा 8.980 हे. दर्ज है। इसके एक हिस्से पर पट्टा मिला है। इस बात का भी संदेह है कि खनिपट्टे की जमीन के आसपास ज्यादा एरिया में खनन किया गया हो।

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