सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लुण्ड्रा क्षेत्र में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बन रही सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ ग्रामीण नई बनी सड़क की सतह को हाथ से उखाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है। उनका कहना है कि सड़क पर बिछाई गई डामर और गिट्टी पर्याप्त मजबूती नहीं रखती, जिसके कारण कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत आसानी से उखड़ रही है।
ग्रामीणों ने लगाए गुणवत्ता में कमी के आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य हाल ही में किया गया है, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की सतह खराब होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नई सड़क की यह स्थिति है, तो आने वाले समय में इसकी गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों की प्रमुख शिकायतें—
- सड़क की ऊपरी परत कमजोर दिखाई दे रही है।
- डामर और गिट्टी कई जगह ढीली पड़ रही है।
- निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है।
- संबंधित विभाग द्वारा पर्याप्त निगरानी नहीं की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण सड़क की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और तकनीकी जांच के बिना सड़क की वास्तविक गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।
जांच की मांग तेज
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाले निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में यदि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं तो इसका सीधा असर जनता के विश्वास पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का आकलन तकनीकी परीक्षण और विभागीय जांच के आधार पर ही किया जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है। ग्रामीण जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि सभी की नजर अब संबंधित विभाग और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।
यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह मामला निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।

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