June 17, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

छत्तीसगढ़ में अवैध धान परिवहन पर प्रशासन का एक्शन, 694 बोरा धान जब्त

महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार महासमुंद जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड अंतर्गत रेहटीखोल क्षेत्र में बीती रात बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने 694 बोरा धान जब्त किया है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली अनुपमा आनंद के नेतृत्व में की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने अवैध धान परिवहन की सूचना पर रेहटीखोल क्षेत्र में नाकाबंदी कर जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक ट्रक को रोका गया, जिसमें उड़ीसा राज्य से छत्तीसगढ़ की ओर धान का परिवहन किया जा रहा था।

जांच के दौरान ट्रक चालक द्वारा धान परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। संयुक्त टीम द्वारा की गई गहन जांच में ट्रक में कुल 694 बोरा धान पाया गया, जिसका कुल वजन लगभग 319 क्विंटल आंका गया। धान के अवैध परिवहन की पुष्टि होने पर मौके पर ही धान से भरे ट्रक को जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए धान और वाहन को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी के दौरान अवैध रूप से एक राज्य से दूसरे राज्य में धान का परिवहन कर उसे छत्तीसगढ़ की मंडियों में खपाने की लगातार कोशिशें सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध धान परिवहन, भंडारण और विक्रय में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद ने बताया कि संयुक्त टीम द्वारा जिले में लगातार चेकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों और व्यापारियों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना वैध दस्तावेजों के धान का परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अवैध धान परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन या पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और सरकारी धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।