पशु उपचार, बधियाकरण, नमूना जांच, टीकाकरण, गर्भाधान, मछली पालन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश
गौरेला पेंड्रा मरवाही। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में पशुधन विकास विभाग और मछली पालन विभाग के जिला एवं मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने पशु संगणना के अनुसार विभिन्न योजनाओं के तहत जिले को दिए गए लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त उपलब्धि की विकासखण्डवार समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उपलब्धि में संभाग स्तर पर किए गए समीक्षा में जीपीएम जिले का प्रदर्शन अन्य जिलों से कमजोर होने पर नाराजगी प्रकट करते हुए प्रत्येक माह की कार्य योजना बनाकर पशु उपचार, बधियाकरण, नमूना जांच, टीकाकरण, गर्भाधान, मछली पालन आदि में प्रगति लाने और किए गए कार्यों की जानकारी विभागीय पोर्टल में एंट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित पशु औषधालयों के खुलने एवं बंद होने की जानकारी ली और कहा कि सभी औषधालय नियमित रूप से खुलना चाहिए। उन्होंने पशु औषधालयों के खुलने, बंद होने एवं नियत दिन की जानकारी के लिए बोर्ड लगाने कहा।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, झींगा पालन योजना, केसीसी आदि योजनाओं की समीक्षा करते हुए मछली पालन के लिए पंचायतों, स्वसहायता समूहों, मछुआरा समितियों को नियम प्रक्रिया का पालन करते हुए तालाब आबंटन करने कहा। इसके लिए सभी जनपद सीईओ के समन्वय से बनाकर व्यक्तिगत रूचि लेते हुए तालाबों का आबंटन करने सहायक संचालक मछली पालन को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में कठिनाई होने पर कलेक्टर के माध्यम से शासन को अवगत कराएं और संशोधित लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बैंकों को प्रकरण भेजने के बाद उसका फॉलोअप करने कहा, जिससे एक भी प्रकरण बैंकों में लंबित नहीं होना चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. वी के पटेल, सहायक संचालक मछली पालन देवेन्द्र वर्मा सहित दोनों विभागों के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।

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