जांजगीर-चांपा। बॉलीवुड फिल्मो ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ की तर्ज पर एक युवक ने अपने ही मौत का झूठा ड्रामा रचा, ताकि बीमा राशि हासिल कर सके। इस चौंकाने वाले मामले में युवक ने शिवनाथ नदी के पुल पर अपनी स्कूटी, जूते और मोबाइल फोन छोड़ दिए, ताकि पुलिस और परिवार को लगे कि वह डूबकर मर गया। लेकिन सोशल मीडिया की मदद से पुलिस ने पूरी कहानी उजागर कर दी। यह घटना पामगढ़ क्षेत्र के कमरीद गांव की है।
पूरी कहानी
19 अगस्त को तनौद निवासी तिलक राम श्रीवास ने पामगढ़ थाने में अपने बेटे कौशल श्रीवास के लापता होने की सूचना दी। खोजबीन के दौरान शिवनाथ नदी में कौशल की स्कूटी, जूते और मोबाइल फोन मिले, जो उसकी मौत का संकेत दे रहे थे। लेकिन जांच में कहानी का सच बिल्कुल उल्टा निकला।
बीमा रकम के लिए किया षड्यंत्र
जांच के दौरान जांजगीर एसपी विजय कुमार पांडेय और एएसपी उमेश कश्यप की टीम को पता चला कि कौशल ने अपने पिता पर 1 लाख रुपए का कर्जा होने के कारण यह फिल्मी-style प्लान बनाया था। कौशल ने अपने नाम 40 लाख रुपए का लाइफ इंश्योरेंस कर रखा था, जो उसकी मौत के बाद मेच्योर होता। इसी लालच में उसने खुद को मृत घोषित करने की साजिश रची।
सोशल मीडिया ने खोला राज
डीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम शिवनाथ नदी में युवक की तलाश कर रही थी। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने सायबर सेल की मदद ली। 20 अगस्त को कौशल का इंस्टाग्राम अकाउंट एक्टिव पाया गया। उसने दिल्ली में अपने दोस्त को मैसेज कर अपनी स्थिति बताई, लेकिन दोस्त ने मदद करने से मना कर दिया। 23 अगस्त को कौशल बिलासपुर वापस पहुंचा और किसी अन्य फोन से अपने भाई को जानकारी दी। भाई ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने कौशल को गिरफ्तार कर पूछताछ की। युवक ने स्वीकार किया कि उसने घर की आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाने और बीमा राशि हासिल करने के लिए यह फिल्मी-style में षड्यंत्र रचा था। यह मामला साबित करता है कि आजकल अपराध भी फिल्मों की तरह ड्रामाई और जटिल हो गए हैं, लेकिन सोशल मीडिया और पुलिस की सतर्कता ने असली कहानी को उजागर कर दिया।

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