किश्तवाड़ : जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के चशोटी गांव में गुरुवार
दोपहर 12:30 बजे बादल फटा। कई लोग पहाड़ से आए पानी और मलबे की चपेट में आ गए. हादसे में अब तक 46 लोगों की मौत हो गई है. करीब 200 लोग लापता हैं. लापता लोगों की तलाश जारी है. 28 शवों को बरामद किया जा चूका है. हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है.
हादसा उस समय हुआ जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के लिए किश्तवाड़ में पड्डर सब-डिवीजन में चशोटी गांव पहुंचे थे. यह यात्रा का पहला पड़ाव है। बादल वहीं फटा है. जहां से यात्रा शुरु होने वाली थी. यहां श्रद्धालुओं की बसें, टेंट, लंगर और कई दुकानें थीं. सभी बाढ़ के पानी में बह गए.
चशोटी किश्तवाड़ शहर से लगभग 90 किलोमीटर और मचैल माता मंदिर के रास्ते पर पहला गांव है. यह जगह पड्डर घाटी में है, जो 14-15 किलोमीटर अंदर की तरफ है. इस इलाके के पहाड़ 1,818 मीटर से लेकर 3,888 मीटर तक ऊंचे हैं. इतनी ऊंचाई पर ग्लेशियर (बर्फ की चादर) और ढलानें हैं. जो पानी के बहाव को तेज करती हैं.
मचैल माता तीर्थयात्रा हर साल अगस्त में होती है. इसमें हजारों श्रद्धालु आते हैं. यह 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलेगी. यह रुट जम्मू से किश्तवाड़ तक 210 किमी लंबा है और इसमें पद्दर से चशोटी तक 19.5 किमी की सड़क पर गाड़ियां जा सकती हैं. उसके बाद 8.5 की पैदल यात्रा होती है.
कांग्रेस ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया। पार्टी ने कहा कि वहां राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस त्रासदी में कई लोगों की मौत से वह अत्यंत दुखी हैं.
किश्तवाड़ ज़िले के चोसिटी गांव में बादल फटने में अब तक 2 CISF जवानों समेत 33 लोगों की मौत हो गई है। 200 से ज्यादा से लोग लापता हैं। 100 लोग घायल हुए हैं। इनमें 37 की हालत गंभीर है। इन्हें जिला अस्पताल किश्तवाड़ में भर्ती कराया गया है। वहीं पाडर के उप-जिला अस्पताल में करीब 70 से 80 अन्य घायलों का इलाज चल रहा है.
किश्तवाड़ के पड्डर के चशोटी गांव में इलाके में 200 से 300 लोगों के फंसे होने की आशंका है. पुलिस और सेना के जवान मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने लापता लोगों की तलाश के लिए सभी संभव प्रयास किए हैं. हादसे के बाद से किश्तवाड़ में स्थिति तनावपूर्ण है अधिकारियों ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है.
पद्दर-नागसेनी के विधायक सुनील कुमार शर्मा ने कहा, “हमारे पास अभी तक कोई संख्या या डेटा नहीं है. लेकिन वहां भारी नुकसान की आशंका है. फिलहाल हमारे पास कोई तादाद या डेटा नहीं है। यात्रा जारी होने के कारण इलाका भीड़भाड़ वाला है. मैं उपराज्यपाल से बात करूंगा और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ टीम की मांग करूंगा.”

More Stories
बलरामपुर में चला बुलडोजर: 7 एकड़ सरकारी जमीन से हटाए गए 23 मकान, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
nternational Yoga Day 2026: 21 जून को पूरे छत्तीसगढ़ में होगा सामूहिक योगाभ्यास, CM विष्णुदेव साय सरगुजा में करेंगे योग
8 मौतों का रहस्य! कब्र से निकाले गए 7 शव, जहरीली शराब या खजाने के लिए बलि? जांच ने बढ़ाया सस्पेंस