June 16, 2026

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प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका दूसरी बार खारिज: बलात्कार मामले में आरोपी पूर्व सांसद को बड़ा झटका

बेंगलुरु। पूर्व जनता दल (सेक्युलर) सांसद प्रज्वल रेवन्ना को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। बेंगलुरु की सत्र न्यायालय ने शुक्रवार, 25 जुलाई को उनके द्वारा दायर की गई दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। प्रज्वल रेवन्ना पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप है और वे लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने 9 जुलाई 2025 को अपने आदेश में प्रज्वल रेवन्ना की याचिका को खारिज करते हुए उन्हें सत्र न्यायालय में जाने की छूट दी थी और निर्देश दिया था कि अगर सत्र अदालत में भी राहत नहीं मिलती है, तो वे दोबारा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। साथ ही ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया गया था कि वह उनकी दूसरी जमानत याचिका को 10 दिनों के भीतर निपटाए।

याचिका पर सुनवाई के दौरान रेवन्ना की ओर से यह दलील दी गई कि वे पिछले एक वर्ष दो माह से हिरासत में हैं। उनके खिलाफ संज्ञान का आदेश 9 सितंबर 2024 को पारित किया गया था, लेकिन मुकदमे को सत्र न्यायालय में भेजने का आदेश 1 जुलाई 2025 को पारित हुआ, जो कि सह-आरोपी ए-1 (एचडी रेवन्ना) के खिलाफ लगे स्थगन आदेश के चलते विलंबित हुआ। प्रज्वल रेवन्ना ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता सीडब्ल्यू नंबर-1 द्वारा दर्ज की गई शिकायत एक सामान्य शिकायत है, जिसमें आरोप केवल उन्हीं पर नहीं, बल्कि औरों पर भी लगाए गए हैं। ऐसे में केवल अभियुक्त नंबर-2 (प्रज्वल) के विरुद्ध ही केस की प्रगति संभव नहीं है। इस आधार पर उन्होंने राहत की मांग की थी।

हालांकि अभियोजन पक्ष ने प्रज्वल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत से कहा कि मामला अत्यंत गंभीर है, जिसमें यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप हैं। आरोपी की रिहाई से न केवल जांच प्रभावित हो सकती है, बल्कि गवाहों पर दबाव डालने की भी आशंका बनी रहेगी। अदालत ने अभियोजन की दलीलों को उचित मानते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि प्रज्वल रेवन्ना पर महिलाओं के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं, और इस मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी थी। मामले की जांच कर रही एजेंसियों के पास कई डिजिटल सबूत भी हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है। अब देखना होगा कि रेवन्ना अगला कदम क्या उठाते हैं। माना जा रहा है कि वे अब फिर से कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। इस प्रकरण पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं और इसे लेकर सियासी माहौल भी गर्म है।