बीजापुर/ कांकेर. बस्तर में नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है. बीजापुर में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. नक्सली दंपति सहित कुल 25 लोगों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. 25 लाख के ईनामी SZCM के साथ कुल 01 करोड़ 15 लाख के ईनामी 25 माओवादियों ने सरेंडर किया है. सभी माओवादी फायरिंग, आईडी ब्लास्ट, आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं. वहीं कांकेर में भी 62 लाख के 13 ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.
आत्मसमर्पण करने वालों में SZCM-01, DVCM-02, कंपनी PPCM-02, बटालियन एवं कंपनी पार्टी सदस्य -03, ACM-08 एरिया कमेटी पार्टी सदस्य -02, LOS सदस्य-04, जनताना सरकार अध्यक्ष -01, मिलिशिया कंपनी सदस्य-01 एवं जनताना सरकार उपाध्यक्ष शामिल हैं. सरकार की महत्वपूर्ण योजना “नियद नेल्लानार” व पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है.
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नारायणपुर में 8 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
नारायणपुर में भी माओवादियों के बड़े लीडर डीवीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम, पार्टी सदस्य एवं जनताना सरकार अध्यक्ष सहित 4 पुरूष और 4 महिला माओवादियों ने सरेंडर किया है. आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों 50-50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया. आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाई जाएगी.
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आत्मसमर्पित के नाम, पद और घोषित इनाम
वट्टी गंगा उर्फ मुकेश उर्फ चैतू पिता स्व0 सुकड़ा उम्र 44 वर्ष निवासी दुब्बाकोंटा/दुमरका पंचायत तेलंमागुण्डा जिला सुकमा, वर्ष 2000 से 12.07.2025 तक उत्तर ब्योरो टीडी टीम इंचार्ज डीवीसीएम रहे. इनामी – 08 लाख रुपए
लखमा लेकाम उर्फ सैनाथ उर्फ रंजीत पिता सोमा उम्र 36 वर्ष निवासी पिड़िया थाना गंगालूर, वर्ष 2013 से पीपीसीएम प्लाटून नंबर 22 कंमाण्डर वर्ष 2024 से प्लाटून नंबर 01 सेक्सन कमाण्डर, इनामी – 08 लाख रुपए
रीना कुर्साम पिता आयतू उम्र 35 वर्ष निवासी बडे तुंगाल पति लखमा लेकाम उर्फ सैनाथ उर्फ रंजीत पिता सोमा उम्र 36 वर्ष निवासी+पंचायत पिड़िया थाना गंगालूर जिला बीजापुर, 2024 से प्लाटून नंबर 01 सेक्सन डिप्टी कमाण्डर पीपीसीएम, ईनामी – 08 लाख रुपए
रमशिला उर्फ ऊंगी माडवी पिता माड़ा उम्र 40 वर्ष निवासी टेकगुडा पंचायत तेलरैय मलकानगिरी (ओडिशा), वर्ष 2003 से 12.07.2025 तक उत्तर ब्यूरो टीडी टीम एसीएम, इनामी – 05 लाख रुपए
माली पति सतरू मण्डावी उम्र 28 वर्ष निवासी गवाडी पंचायत थुलथुली थाना ओरछा जिला नारायणपुर पिता मासा ध्रुवा निवासी दुमनार पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर, वर्ष 2019 – 2025 तक 16 पीएल सदस्य/सिंगलशार्ट, इनामी – 01 लाख रुपए
ईरपा गोटा पिता स्व0 विजा राम गोटा उम्र 42 वर्ष निवासी मडोडा पंचायत धुरबेडा थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर, वर्ष 2020 से अब तक मडोडा जनताना सरकार अध्यक्ष, इनामी – 01 लाख रुपए
मंगती उसेण्डी उर्फ टांगरी पिता मासा उम्र 30 वर्ष निवासी मुरेहनार पंचायत नेण्डनार थाना कुकडाझोर जिला नारायणपुर, वर्ष 2020 से 10.07.2025 तक नेलनार एलओएस सदस्य/303 कारतूस 11, इनामी – 01 लाख रुपए
सतरू मण्डावी पिता कंडजे उम्र 28 वर्ष निवासी गवाडी पंचायत थुलथुली थाना ओरछा जिला नारायणपुर, वर्ष 2024 से ओरछा एलओएस सदस्य/बीजीएल, इनामी – 01 लाख रुपए
इस साल अब तक 242 नक्सली कर चुके आत्मसमर्पण
बस्तर आईजी पी.सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ डीआईजी बीएस नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपए नगद राशि दी. बता दें कि साल 2025 में अब तक कुल 242 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. वहीं वर्ष 2025 में अब तक कुल 300 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. 127 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया है.
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सरेंडर नक्सलियों को दी गई 50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि
नक्सल मोर्चे पर कांकेर पुलिस को भी बड़ी सफलता मिली है. 62 लाख के ईनामी 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें 5 महिला नक्सली भी शामिल हैं. सभी नक्सली लंबे समय से नक्सल संगठन में सक्रिय थे. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कंपनी कमांडर भी शामिल है. एसपी आई कल्याण एलिसेला ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को शासन की पुनर्वास नीति के तहत ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी गई है.
बदलाव की ओर एक मजबूत कदम
एसपी एलिसेला ने कहा, यह आत्मसमर्पण न केवल सुरक्षा बलों की रणनीति की सफलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि माओवादी विचारधारा अब अपने अंतिम दौर में है. “पूना मारगेम” जैसी पहलें उन लोगों को एक नई शुरुआत का अवसर दे रही है, जो हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं.
प्रमुख आत्मसमर्पित नक्सली और उनका इतिहास
मंगलू उर्फ अरुण कोमरा – मिलिट्री कंपनी नंबर-01 का कमांडर, वर्ष 2003 से सक्रिय, कई बड़े एम्बुश और विस्फोटों में शामिल रहा, इनाम: ₹10 लाख.
मैनू नेगी उर्फ करिया – डीव्हीसीएम, उत्तर बस्तर डिवीजन कमांडर, 50 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहा. इनाम: ₹8 लाख.
नरेश दुग्गा उर्फ रूपजी राम, कारू वेड़दा उर्फ निलेश, माडवी सोनमति, प्रत्येक पर ₹8 लाख का इनाम घोषित था.
शीला उर्फ देवली, सरादो उर्फ संगीता, मानुराम ध्रुवा – इन तीनों पर ₹5 लाख का इनाम था. इनकी संलिप्तता दर्जनों घटनाओं में रही है.
सुकारो नुरूटी, सोमारी कोर्राम, राजू उर्फ सोहन, सुकदू पद्दा, असनु राम – इन सभी पर ₹1-1 लाख का इनाम था और हालिया हिंसक वारदातों में शामिल रहे थे.

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