कोरबा/ करतला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी सर्जरी के बाद एक महिला की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। 25 वर्षीय सुनीता बाई, जिनकी 15 दिन पहले नसबंदी हुई थी, अब संक्रमण और गंभीर पेट दर्द से जूझ रही हैं।
ऑपरेशन के दो दिन बाद शुरू हुआ पेट दर्द, बढ़ती सूजन से उभरा संक्रमण
पीड़िता के पति घासीदास महंत, जो रायगढ़ जिले के गेरसा गांव के निवासी हैं, ने बताया कि सर्जरी के दो दिन बाद सुनीता का पेट फूलने लगा और तेज दर्द शुरू हो गया। करतला उप स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।
प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान फटा टांका, बाहर निकला संक्रमण
स्थिति गंभीर होने पर मरीज को कोरबा के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां टांके फट गए और पेट से मवाद निकलने लगा। संक्रमण तेजी से फैला और हालत और बिगड़ती गई।
इलाज में बिके गहने, गिरवी रखी बाइक – 4 लाख से अधिक खर्च
घासीदास महंत, जो पेशे से मजदूर हैं और तीन छोटे बच्चों के पिता हैं, ने बताया कि इलाज के लिए घर के गहने और बाइक गिरवी रखनी पड़ी। अब तक करीब ₹4 लाख खर्च हो चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती, इलाज अब भी जारी
वर्तमान में सुनीता बाई को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां संक्रमण और सूजन का इलाज चल रहा है। परिवार अब शासन से आर्थिक सहायता और मेडिकल लापरवाही की जांच की मांग कर रहा है।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग
यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही का उदाहरण है। नसबंदी जैसी प्रक्रिया में भी अगर बुनियादी सावधानियां नहीं बरती जाएं, तो यह जनजीवन को संकट में डाल सकती है।

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