बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र के लठोरी गांव में 15 दिन पहले एक बैगा आदिवासी स्कूली छात्रा का शव बगीचे में पेड़ से लटका मिला था। पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर कार्रवाई की, लेकिन अब मृतका के पिता ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। बुधवार को वह बिलासपुर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और दोबारा पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच तथा मोबाइल डिटेल्स की मांग की। मृतका अमीषा बैगा (18), ग्राम लठोरी निवासी फागुन सिंह बैगा की पुत्री थी। वह हाल ही में 10वीं की परीक्षा में सेकंड डिवीजन (52%) से उत्तीर्ण हुई थी। बताया गया कि वह अपने क्षेत्र की पहली ऐसी बैगा छात्रा थी जिसने दसवीं पास की थी और उसने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन भी किया था। परिवार को उसकी नौकरी लगभग तय लग रही थी।
11 मई की रात अमीषा की मां गुलाबवती अपने बेटे के साथ पास के गांव में एक शादी समारोह में गई थीं। घर पर अमीषा अपनी दादी और चार साल के छोटे भाई के साथ थी। रात करीब 11 बजे जब मां वापस लौटीं, तो अमीषा घर पर नहीं थी। परिवार ने सोचा कि वह किसी सहेली के यहां रुक गई होगी, लेकिन सुबह उसका शव बगीचे में एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने प्राथमिक जांच में इसे आत्महत्या माना है।
अमीषा के पिता फागुन सिंह बैगा ने बुधवार को एसएसपी से मुलाकात कर स्पष्ट कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी ने उसे बहला-फुसलाकर घर से बाहर ले जाकर उसकी गला दबाकर हत्या की और फिर शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए पेड़ से लटका दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोबारा पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक विश्लेषण और मोबाइल कॉल डिटेल्स निकलवाने की अपील की। गौरतलब है कि बैगा समुदाय एक विशेष जनजाति के रूप में चिन्हित है, जिसे राष्ट्रपति की दत्तक संतान माना गया है। इस समुदाय से जुड़ी किसी भी घटना को बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में अमीषा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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