Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया को शुभ कार्यों का दिन माना जाता है, क्योंकि इस दिन किए गए सभी पुण्य और कर्म अक्षय यानी कभी न खत्म होने वाले होते हैं. गृह प्रवेश के अलावा भी कई अन्य शुभ कार्य इस दिन किए जा सकते हैं जो जीवन में समृद्धि, सफलता और खुशहाली लाते हैं. अक्षय तृतीया पर शादी विवाह या गृह प्रवेश ही नहीं, बल्कि पूजा, दान, स्नान, कथा पाठ और शुभ खरीदारी जैसे कई शुभ कार्य करें और अक्षय फल प्राप्त करें.
This image has an empty alt attribute; its file name is WhatsApp-Image-2025-04-21-at-12.35.00-PM.jpeg
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा: अक्षय तृतीया पर पीले वस्त्र पहनकर विष्णु और लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें. पीले फूल और सफेद या गुलाबी रंग के पुष्प अर्पित करें. पूजा के बाद लक्ष्मीनारायण की कथा सुनना भी शुभ माना जाता है (Akshaya Tritiya 2025).
पितरों के नाम दान और तर्पण: इस दिन पितरों के नाम दान और तर्पण करना अत्यंत फलदायी होता है. इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
तीर्थ स्नान: अक्षय तृतीया के दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ है. स्नान के बाद गरीबों को दान करें. ऐसा करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है और जीवन में सफलता आती है.
दान-पुण्य: गरीबों को भोजन, वस्त्र, जल, और अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करें. ब्राह्मणों को भोजन कराना और दक्षिणा देना भी अत्यंत शुभ होता है. इस दिन दान किया गया कोई भी वस्तु अक्षय फल देती है.
शुभ खरीदारी: सोना, चांदी, कौड़ी, पीली सरसों, पारद शिवलिंग आदि वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है. इन वस्तुओं को घर लाने से धन-समृद्धि बनी रहती है.
श्रीरामचरितमानस का अरण्य कांड पाठ: इस दिन श्रीरामचरितमानस के अरण्य कांड का पाठ करने से भगवान राम का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में मार्ग प्रशस्त होता है.

More Stories
छत्तीसगढ़ में 1 अक्टूबर तक बंद रहेंगे सभी टाइगर रिजर्व और अभयारण्य, जंगल सफारी पर रोक
बस्तर में 17 जोड़े बने जीवनसाथी, आत्मसमर्पण कर चुके 2 पूर्व नक्सली दंपतियों ने भी रचाई शादी
दंतेवाड़ा बनेगा जैविक खेती का मॉडल जिला! किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण बचाने का बड़ा अभियान शुरू