July 26, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

किडनी को खराब कर सकती हैं पानी पीने की ये 3 आदतें, जानें कैसे बचाएं अपनी किडनी को

हमारे शरीर की ओवरऑल हेल्थ बनी रहे इसके लिए सही खाना और सही मात्रा में पानी पीना, दोनों ही चीजें बहुत जरूरी हैं। दिन में यदि सिर्फ ठीक मात्र में पानी ही पी लिया जाए तो शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी पूरी हो सकती है। इसके अलावा पानी शरीर में जमी गंदगी और टॉक्सिंस को भी बाहर करता है, जिससे कई बीमारियों के पनपने का खतरा तो यूं ही कम हो जाता है। हालांकि हर चीज की तरह पानी आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। जी हां, पानी पीने से जुड़ी कुछ गलत आदतें आपके शरीर, खासतौर से किडनी पर बुरा असर डाल सकती हैं। ऐसे में जानें-अंजाने में अगर आप भी ये गलतियां कर रहे हैं, तो आपको तुरंत इन्हें सुधारने की जरूरत है।

बहुत कम पानी पीना

हमारी सेहत बनी रहे इसके लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। साथ ही, किडनी भी अच्छी तरह काम करे इसके लिए भी पानी की सही मात्रा बहुत मायने रखती है। दरअसल बहुत कम पानी पीने से शरीर में टॉक्सिंस की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जो किडनी में जा कर फंस जाते हैं। इस स्थिति में किडनी डैमेज होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए सर्दी हो या गर्मी, अपनी उम्र के हिसाब से सही मात्रा में पानी जरूर पीएं।

ज्यादा पानी पीना भी है हानिकारक

कम पानी पीना जितना हानिकारक है, उतना ही जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी है। नेशनल किडनी फाउंडेशन के मुताबिक रोजाना आठ गिलास पानी पीने का नियम सभी पर लागू नहीं होता। चूंकि सभी का शरीर अलग है, हेल्थ कंडीशंस अलग हैं इसलिए रोजाना कितनी मात्रा में पानी पीना है, ये कई अन्य फैक्टर जैसे- व्यक्ति की उम्र, मौसम, फिजिकल एक्टिविटी लेवल आदि पर निर्भर है। इसलिए कहीं पढ़ी-सुनी बातों पर विश्वास करने के बजाए अपनी बॉडी की सुनें और अपने हेल्थ एक्सपर्ट से भी इस बारे में जरूर सलाह लें।

खड़े हो कर ना पीएं पानी

आजकल किसी के पास आराम से बैठकर पानी पीने तक का समय नहीं। सब जल्दीबाजी में खड़े हो कर फटाफट पानी पी लेते हैं। जबकि ये आदत कई मायनों में सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है। दरअसल एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब हम खड़े हो कर पानी पीते हैं तो पानी बिना ठीक से फिल्टर हुए, तेजी से शरीर के निचले हिस्से की ओर बढ़ता है। इस दौरान पानी में मौजूद अशुद्धियां पित्ताशय की थैली में जमा होने लगती हैं। इसके साथ यूटीआई इन्फेक्शन जैसी बीमारियों और किडनी डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।