नई दिल्ली. हर साल नवंबर महीने के तीसरे बुधवार को वर्ल्ड क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डे मनाया जाता है। इस साल यह खास दिन 16 नवंबर यानी बुधवार को मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को सीओपीडी से संबंधित जानकारी देने से लेकर उसके उपचार के प्रति जागरूकता फैलाना है। आइए जानते हैं आखिर क्या है क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी सीओपीडी, इसके लक्षण और उपचार।
क्या है सीओपीडी?
सीओपीडी को अंग्रेजी में क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के नाम से पहचाना जाता है। यह एक लंग डिजीज है, जिसमें वातस्फीति (एम्फाइज़िमा) और ब्रोंकाइटिस जैसी स्थितियां फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित करती हैं. वातस्फीति फेफड़ों को संक्रमित कर सांस लेने में कठिनाई पैदा करता है और ब्रोंकाइटिस ब्रोन्कियल नलियों की सूजन और उनके सिकुड़ने का कारण बनता है।
सीओपीडी के मुख्य कारण-
सीओपीडी का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगो को होता है, जो ज्यादा स्मोकिंग या तंबाकू का सेवन करते हैं। इसके अलावा अस्थमा रोगियों में भी सीओपीडी का खतरा देखा जा सकता है। ऐसा उनके शरीर में अल्फा-1-एंटीट्रिप्सिन नाम के प्रोटीन की कमी की वजह से होता है। सीओपीडी का तीसरा मुख्य कारण प्रदूषण,धुएं के संपर्क में अधिक रहना या फिर केमिकल फैक्ट्री में काम करना भी हो सकता है।
सीओपीडी के लक्षण –
-खांसी होना, गले में बलगम फंसना, छाती में जकड़न और घरघराहट महसूस होना।
-हल्की फिजिकल एक्टिविटी के बाद भी सांस लेने में दिक्कत।
-हर समय थकान महसूस होना
-पैरों और पंजों पर सूजन आना
-तेजी से वजन घटना
सीओपीडी से बचाव-
सीओपीडी के लिए फिलहाल अभी तक कोई टेस्ट या जांच उपलब्ध नहीं है। इसका अंदाजा केवल लक्षणों को देखकर लगाया जा सकता है, इसलिए सीओपीडी के लक्षण महसूस होते ही तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा लंबे समय से चल रही खांसी और सांस लेने में परेशानी को भी नजरअंदाज न करें, ये सीओपीडी के लक्षण हो सकते हैं।

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