शासन द्वारा बनाए गए तालाब में खेती किया जा रहा
Jcb से हुआ था गहरीकरण, शिकायत पर जांच में की गई खानापूर्ति!
मामला जनपद पंचायत सरायपाली के ग्राम पंचायत राफेल का है जहां अधिकारियों जनप्रतिनिधियों कर्मचारियों की मिली भगत से शासकीय योजना, शासकीय राशि का दुरुपयोग कर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है.
मामले की जानकारी लेने ग्राम सरपंच, सचिव , रोजगार सहायक, मेट से बात करने पर मामले से अनजान बने हैं!
मिली जानकारी अनुसार वर्ष 2023- 24 मे हजारी प्रसाद नामक ग्रामीण के नाम पर डबरी स्वीकृत हुई थी. उक्त व्यक्ती के नाम पर तालाब गहरीकरण किया गया था करीब 02 लाख की लागत से, जिसमें वर्तमान मे किसान द्वारा खेती कि जा रही है.
ज्ञात हो कि इसी तालाब की शिकायत की गई थी जिसकी जांच प्रतिवेदन शिकायतकर्ता को आज दिनाँक तक नहीं दी गई. आपको बता दें कि इसी तालाब को jcb के माध्यम से बनाया गया था और मेट, रोजगार सहायक सरपंच की मिलीभगत से शासन को लाखों कर चुना लगाया गया था और यह पहले मामला नहीं है. इससे पूर्व भी इसी पंचायत में jcb से कई काम कराया गया जिस कारण आम ग्रामीणों को मनरेगा में कार्य नहीं मिला उन्हें पलायन करने मजबूर होना पड़ा.
अफसोस होता है कि जांच अधिकारियों द्वारा दिग्भ्रमित कर लिखित में भी बताया जाता है कि जांच प्रक्रियाधीन है औऱ ऐसा कर सालों निकाल दिया जाता और जांच अधिकारी चांदी काट जाते हैं.
सूचना पटल आज भी नहीं है —
शासन के आदेशानुसार कार्य के पूर्व ही सूचना पटल लगाने निर्देशित किया जाता है और इसका budget भी अलग रहता है, मगर अधिकारियों की लापरवाही कहें या मिलीभगत कार्य होने के साल भर बाद भी सूचना पटल नहीं लगाया गया है. और स्थानीय ग्रामीण को पता भी नहीं चलता कि यहां कोई मनरेगा का कार्य हुआ है और हमे कार्य नहीं मिला!
जनपद सीईओ- मामला संज्ञान में आते ही एक जांच टीम बनाया गया है और उक्त स्थान पर भेजा गया है.
सचिव- का कहना है की मामले कि नहीं है!
सरपंच- फोन नहीं उठाया गया.

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