रायपुर. छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 करोड़ के नशे का सामान नष्ट किया है. इसमें करीब 15000 किलो गांजा, 62 हजार टैबलेट्स, इंजेक्शन, 48 किलो अफीम और 400 ग्राम चरस शामिल हैं. इन्हें सिलतरा के निजी पॉवर प्लांट में 1200 डिग्री टेंपरेचर पर जलाया गया है. नशे का ये सामान 5 जिलों रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी में NDPS एक्ट के तहत जब्त किया गया था. नष्टीकरण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह एवं पुलिस अधीक्षक धमतरी आंजनेय वैष्णव मौजूद रहे.
नशे के सामानों को नष्ट करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मंजूरी से उच्च स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी बनाई गई थी. रायपुर जिले के 157 मामलों में 2 हजार किलो गांजा, 58 हजार नशीली टैबलेट्स, सिरप, इंजेक्शन, अफीम और 205 ग्राम चरस शामिल था. महासमुंद से सबसे ज्यादा गांजा बलौदाबाजार के 24 मामलों में 1000 किलो गांजा, 960 नशीली टैबलेट्स थे.

महासमुंद के कुल 121 मामलों में 10 हजार किलो गांजा, धमतरी के 36 प्रकरणों में 412 किलो गांजा और 2451 टैबलेट्स थे. इसके अलावा गरियाबंद के 31 मामलों में 1014 किलो गांजा, 253 नशीली टैबलेट्स थे. नशे के सामानों को जलाने के लिए पुलिस ने पर्यावरण विभाग से अनुमति ली थी.

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