August 6, 2026

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अवैध रेत परिवहन पर SDM श्री ओंकारेश्वर सिंह द्वारा बड़ी कार्यवाही, रेत से भरा हाईवा जप्त

प्रतिबंध के बावज़ूद लगातार रेत का उत्खनन, परिवहन, ख़बर प्रमुखता से लगाया गया , अब हुई कार्यवाही..

प्रतिबंध के बावज़ूद NGT के नियमों को ठेंगा दिखा रहे रेत माफिया!

रायपुर- महासमुंद// इरफ़ान शेख :

ख़बर प्रकाशन के बाद प्रशासन की मुस्तैदी के चलते रेत माफियाओं का डर देखने को मिल रहा है और काम आज बंद दिखाई दे रहा है. आपको बता दे कि शहर के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों मे रोजाना 40 से 50 रेत से भरी highwa, dumfer आता था मगर आज बंद दिखाई दिया. 

अवैध रेत परिवहन पर SDM Saraipali श्री ओंकारेश्वर सिंह द्वारा कार्यवाही करते हुए एक रेत से भरा वाहन क्रमांक OD 02 BD 3999 को जप्त कर थाना सराईपाली को सुपुर्द किया गया, आगे की कार्यवाही के लिए खनन विभाग को मामला सौपा जाएगा. 

Sdm श्री ओंकारेश्वर सिंह ने बताया की अवैध रेत पर पहले भी कार्यवाही की गई है आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी.

आपको बता दे कि एक dumfer रेत की कीमत अभी 14 से 16 हज़ार रू बेची जा रही है , जबकि royalty 25 सौ से 3 हज़ार रू है और डीजल खर्च की बात करें तो करीब 3 हज़ार रू खर्च बैठता है, बावज़ूद आम जन से लूट मची है! जिसके चलते आम आदमी महगाई की मार झेलने मजबूर है घर बनाना मुस्किल हो गया है, तो वहीँ रेत माफिया चांदी काट रहे हैं. 

अवैध रेत परिवहन , प्रतिबंध के बावज़ूद NGT के नियमों को ठेंगा दिखा रहे रेत माफिया. ज्ञात हो कि पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाही कर 40 हाईवा किया था जप्त. 

जिले में अवैध रेत का कारोबार काफी फल फूल रहा है। खनिज विभाग की उदासीनता के चलते रेत माफिया बेखौफ होकर शासन को ठेंगा दिखा रहे हैं।

आपको बता दें की जिले के साथ साथ सरायपाली शहर और ब्लॉक के कई ग्रामों में रेत का दिन दहाड़े , रेत माफिया द्वारा रोजाना अवैध परिवहन वा भंडारण किया जा रहा है।

शहर से होकर रोजाना 25 से 35 highwa , dumfer (10 चक्का, 12 चक्का गाड़ी ) के माध्यम से अवैध रेत परिवहन कर माफिया चांदी काट रहे हैं।

चिरोली घाट (अवैध खनन Orissa) से रोजाना 15 गाड़ियां (डम्पर, हाईवा) में गढफुलझर (थाना बसना) के रास्ते होते हुए राजाडीह , अंतर्ला, जोगनीपाली होते हुए (थाना सरायपाली ) आ रही है! इसी तरह sarsiwan मार्ग से रात के अंधेरे में 6 गाड़ियां आ रही हैं!

गौरतलब है कि अवैध रेत परिवहन से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी काफी परेशान हैं क्यूँ की 12 टन की प्रधानमंत्री सड़क पर धड़ल्ले से दिन – रात ओवर लोडेड 30 टन, 40 टन की गाडियां चलने से सड़क जर जर हो रही है!

खनन विभाग देख कर भी अनदेखा कर रहा है, इससे साफ जाहिर होता है की इसमें इनकी मिली- भगत दिख रही है!

अवैध खनन से रोजाना शासन को लाखो रू की राजस्व / रॉयल्टी की हानि हो रही है और खनिज विभाग मुक दर्शक बने सब खेल देख रहा है. जिला खनिज अधिकारी देवेन्द्र साहू फोन भी उठाना मुनासिब नहीं समझते!

ज्ञात हो कि 24 जून को अवैध रेत उत्खनन, परिवहन पर राजस्व व पुलिस विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 40 हाईवा जप्त किया था और खनिज विभाग को मामला सौंपा गया था! रेत माफियाओं द्वारा जिले के सभी ब्लॉक में परिवहन, भंडारण किया जा रहा है!

जिला प्रशासन के निर्देशन पर राजस्व व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए अवैध रेत उत्खनन व परिवहन करते हुए 40 हाईवा को जप्त किया था। आगे की कार्यवाही करने के लिए खनिज विभाग को मामला सौपा गया था जिसमें आज दिनाँक तक सभी गाड़ियों के मालिक का पता ही नहीं चल पाया है!

आपको बता दें कि जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल ने 21 जून को अवैध रेत उत्खनन, परिवहन व भंडारण पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिए थे। जिसके बाद प्रशासन द्वारा जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए 40 हाईवा जप्त किया है। 

  • उल्लेखनीय है कि बारिश के दिनों में शासन अदेशानुसार 15 जून से 15 अक्टूबर तक रेत का उत्खनन , परिवहन के साथ साथ भंडारण भी बंद रहता है। बावजूद इसके रेत माफियाओं द्वारा जिले भर में रोजाना अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण किया जा रहा है।

# नियमों के आदेश एवं निर्देश ….

 रेत एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन/ परिवहन/भण्डारण के प्रकरणों में प्रभावी रोकथाम हेतु खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत प्रावधान किये गये है जिसमे खान और खनिज (विकास और विनियम) अधिनियम 1957 की धारा 4 (1) एवं धारा 4 (1 क) अनुसार इस अधिनियम और उसके अधीन बनाये गये नियमों के उपबंधों के अनुसार अन्यथा कोई व्यक्ति किसी खनिज का उत्खनन परिवहन या भण्डारण नहीं करेगा या नही करायेगा। जो कोई व्यक्ति धारा 4 (1) या धारा 4 (1) के उपबंधों का उत्पन्न करता है यह ऐसे कारावास की अवधि से जिसकी सीमा पांच वर्ष तक हो सकती है या प्रति हेक्टेयर क्षेत्र के लिए पांच लाख रुपये तक जुर्माना किया जाना प्रावधान है। धारा 21 (12) के तहत इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन बनाये गये कोई नियम के उल्लंघन करते पाये जाने पर कारावास दो वर्ष तक हो सकेगा या जुर्माने पांच लाख रुपये तक या दोनों से दण्डित करने का प्रावधान है तथा उल्लंघन लगातार जारी रहने की दशा में प्रथम दोषसिद्धि के पश्चात अतिरिक्त जुर्माने के रूप में प्रत्येक दिन के लिए पचास हजार रुपये तक दण्डनीय होने का प्रावधान है।